Global Governance News- Asia's First Bilingual News portal for Global News and Updates

We love to bring to life as a developer and I aim the today do this using whatever front end tools of the necessary.

Quick Contact:

Live News

We love to bring to life as a developer and I aim the today do this using whatever front end tools of the necessary.

Quick Contact:

विष्णुदेव साय बने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, राज्यपाल ने दिलाई पद और गोपनीयता की शपथ

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 13दिसंबर। विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ के नए मुख्यमंत्री बन गए हैं. राज्यपाल विश्व भूषण हरिचंदन ने विष्णु देव साय को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह भी शपथ समारोह में शामिल हुए.

सरपंच से राजनीतिक करियर की शरुआत
साय ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत गांव के सरपंच के रूप में की और महत्वपूर्ण संगठनात्मक पदों पर रहने के अलावा लोकसभा सदस्य और केंद्रीय मंत्री बने. सरगुजा क्षेत्र के जशपुर जिले से नवनिर्वाचित आदिवासी विधायक साय भाजपा की कार्ययोजना में बिल्कुल फिट बैठते हैं. छत्तीसगढ़ में आदिवासियों की आबादी राज्य की कुल आबादी का लगभग 32% है. यह OBC के बाद दूसरा सबसे प्रभावशाली सामाजिक समूह है. साय आदिवासी बहुल जशपुर जिले के एक छोटे से गांव बगिया में रहने वाले एक किसान परिवार से हैं.

सरकारी स्कूल से पढ़ाई
उन्होंने कुनकुरी के एक सरकारी स्कूल में पढ़ाई की और स्नातक के लिए अंबिकापुर चले गए, लेकिन पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी और 1988 में अपने गांव लौट आए. 1989 में उन्हें बगिया ग्राम पंचायत के ‘पंच’ के रूप में चुना गया और अगले वर्ष निर्विरोध सरपंच बने. ऐसा माना जाता है कि BJP के दिग्गज नेता दिवंगत दिलीप सिंह जूदेव ने 1990 में साय को चुनावी राजनीति में प्रवेश करने के लिए प्रोत्साहित किया था. उसी साल, साय अविभाजित मध्यप्रदेश में तपकरा (जशपुर जिले में) से BJP के टिकट पर पहली बार विधायक चुने गए थे. 1993 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने यह सीट बरकरार रखी.

केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं विष्णु देव साय
साय ने 1998 में निकटवर्ती पत्थलगांव सीट से विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन असफल रहे. बाद में वह लगातार चार बार 1999, 2004, 2009 और 2014 में रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुने गए. साल 2000 में राज्य निर्माण के बाद BJP ने साय को 2003 और 2008 के विधानसभा चुनावों में छत्तीसगढ़ के पत्थलगांव से मैदान में उतारा था, लेकिन वह दोनों बार हार गए. साल 2014 में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र में BJP की सरकार बनने के बाद साय को इस्पात और खनन राज्य मंत्री बनाया गया था. आदिवासी राजनेता ने 2006 से 2010 तक और फिर जनवरी से अगस्त 2014 तक भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के रूप में कार्य किया.

चुनाव से पहले मिली थी प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी
छत्तीसगढ़ में 2018 के चुनाव में भाजपा की हार के बाद उन्हें 2020 में फिर से छत्तीसगढ़ में पार्टी का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी दी गई. विधानसभा चुनाव से ठीक एक साल पहले 2022 में उनकी जगह ओबीसी नेता अरुण साव को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया. इस साल नवंबर में चुनावों से पहले, साय को जुलाई में भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी का सदस्य नामित किया गया था. चुनाव में उन्हें कुनकुरी (जशपुर जिला) से मैदान में उतारा गया, जहां उन्होंने कांग्रेस के मौजूदा विधायक यूडी मिंज को 25,541 वोटों के अंतर से हराकर जीत हासिल की.

Related Post

Tags