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केन्‍द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने जिनेवा में पीएमएनसीएच बोर्ड की 33वीं बैठक में दिया मुख्य भाषण

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 06जुलाई। मातृ, नवजात और बाल स्वास्थ्य के लिए भागीदारी (पीएमएनसीएच) बोर्ड की 33वीं बैठक जिनेवा, स्विट्जरलैंड में शुरू हुई। बैठक 5 जुलाई 2024 को समाप्त होगी।

वीडियो संदेश के माध्यम से बोर्ड बैठक के उद्घाटन सत्र में मुख्य भाषण देते हुए केन्‍द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री और पीएमएनसीएच बोर्ड के उपाध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने महिलाओं, बच्चों और किशोरों के कल्याण के लिए पीएमएनसीएच की प्रतिबद्धता की सराहना की और इस मुद्दे को आगे बढ़ाने व युवाओं की सार्थक भागीदारी को प्रोत्‍साहित करने के लिए भारत सरकार का आश्वासन दोहराया। उन्होंने स्‍थायी विकास लक्ष्यों (एसडीजी) की दिशा में प्रगति में तेजी लाने और 2030 के बाद के एजेंडे की तैयारी पर ध्यान केन्‍द्रित करने के महत्व पर जोर किया।

स्वास्थ्य मंत्रालय में अपर सचिव एवं मिशन निदेशक (एनएचएम) आराधना पटनायक जिनेवा में पीएमएनसीएच बोर्ड की 33वीं बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रही हैं।

मातृ, नवजात और बाल स्वास्थ्य के लिए भागीदारी (पीएमएनसीएच) महिलाओं, बच्चों और किशोरों के स्वास्थ्य, कल्याण व अधिकारों की रक्षा और संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध दुनिया का सबसे बड़ा गठबंधन है। पीएमएनसीएच एक ऐसी दुनिया की कल्‍पना करता है जिसमें हर महिला, बच्चा और किशोर अपने स्वास्थ्य और कल्याण के अधिकार को महसूस करें, ताकि कोई भी पीछे न छूटे। पीएमएनसीएच एक बोर्ड द्वारा शासित है और स्विट्जरलैंड के जिनेवा स्थित विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के तत्वाधान में संचालित एक सचिवालय द्वारा इसका प्रशासन चलाया जाता है।

33वीं पीएमएनसीएच बोर्ड की बैठक सदस्यों को पीएमएनसीएच के लिए प्रमुख प्राथमिकताओं और अवसरों पर सहमत होने का अवसर प्रदान करेगी ताकि हमारी वर्तमान 2021-2025 रणनीति की अंतिम अवधि में मातृ, नवजात और बाल स्वास्थ्य (एमएनसीएच), यौन और प्रजनन स्वास्थ्य और अधिकार (एसआरएचआर) और किशोर कल्याण लक्ष्यों को आगे बढ़ाया जा सके। यह 2026-2030 पीएमएनसीएच रणनीति के विकास के लिए प्राथमिकताओं पर चर्चा भी शुरू करेगा, जिसमें यह भी शामिल है कि पीएमएनसीएच को 2030 के बाद के संयुक्त राष्ट्र विकास लक्ष्य-निर्धारण प्रक्रिया के संबंध में अपने मुद्दों और खुद को कैसे रखना चाहिए।

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