Global Governance News- Asia's First Bilingual News portal for Global News and Updates

We love to bring to life as a developer and I aim the today do this using whatever front end tools of the necessary.

Quick Contact:

Live News

We love to bring to life as a developer and I aim the today do this using whatever front end tools of the necessary.

Quick Contact:

कर्मयोगी भारत के निदेशक मंडल की 12वीं बैठक का मुंबई में किया गया आयोजन

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 07मई।कर्मयोगी भारत के निदेशक मंडल की 12वीं बैठक का आयोजन के. रामादोराई सुब्रमण्यम की अध्यक्षता में 03 मई, 2024 को मुंबई में किया गया।

बोर्ड ने आईजीओटी कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर एक करोड़ पाठ्यक्रम नामांकन और 1,000 से ज्यादा पाठ्यक्रमों के दोहरे मील के पत्थर को स्वीकार किया। बोर्ड ने महसूस किया कि ये मील के पत्थर सरकारी अधिकारियों के बीच योग्यता-आधारित शिक्षा के पोषण में मंच की भूमिका को रेखांकित करते हैं।

बैठक में आईजीओटी कर्मयोगी के साथ ई-एचआरएमएस मंच के एकीकरण की सराहना की गई, जो अधिकारियों की दक्षता एवं क्षमता के आधार पर उनकी तैनाती को सक्षम बनाते हुए भूमिका-आधारित शासन को सक्षम बनाएगा।

बोर्ड ने राज्यों के मंच के लिए नीति के साथ सहयोग की सराहना की, जिसमें ब्लॉक स्तर एवं जिला-स्तर पर क्षमता-निर्माण पहल का संचालन करने में समर्थ क्यूरेटेड कार्यक्रमों के महत्व पर बल दिया गया है।

संसद द्वारा पारित तीन नए आपराधिक कानूनों पर पाठ्यक्रमों का शुभारंभ- भारतीय न्याय संहिता, 2023; भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023; और भारतीय साक्षी अधिनियम, 2023 और डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम की सराहना सभी लोगों ने की, जो जन-सामना, नागरिक-केंद्रित शासन में शामिल अधिकारियों को सर्वाधिक समकालीन मुद्दों पर प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु कर्मयोगी भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

इसके अलावा बोर्ड ने प्रमुख विकास कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से कार्यान्वित करने में क्षेत्रीय अधिकारियों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से जन कर्मयोगी पहल की भी सराहना की। आईजीओटी पर ज्ञान कर्मयोगी, जो कि लोक सेवकों के लिए एक व्यापक ज्ञान कोष के रूप में कार्य कर रहा है, को इस मंच पर एक स्वागत योग्य संयोजन के रूप में उल्लिखित किया गया।

इस बोर्ड के सदस्यों में एस. राधा चौहान (सचिव, डीओपीटी), डॉ. निर्मलजीत सिंह कलसी (अध्यक्ष, राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण परिषद), गोविंद अय्यर (निदेशक और अध्यक्ष, एसवीपी फिलैन्थ्रपी फाउंडेशन), पंकज बंसल (सह-संस्थापक, पीपलस्ट्रांग), देबजानी घोष (अध्यक्ष, नैसकॉम), एस. कृष्णन (सचिव, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय), अभिषेक सिंह (सीईओ, कर्मयोगी भारत) और एस.पी. रॉय (सचिव, क्षमता निर्माण आयोग) सहित कर्मयोगी भारत के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल थे।

इसके आगे बोर्ड ने कंटेंट मार्केटप्लेस को सक्रिय करने और शिक्षण के परिणामों को संवर्द्धित करने के लिए उच्च गुणवत्ता वाले मूल्यांकन व सामग्री की सोर्सिंग के साथ-साथ प्राथमिकता क्षेत्र के रूप में प्रभाव मूल्यांकन पर अपना ध्यान केंद्रित करने की पुष्टि की।

इसके अलावा कर्मयोगी भारत की टीम के प्रमुखों ने भविष्य के लिए व्यापक रणनीतिक लक्ष्यों पर अपनी व्यक्तिगत प्रस्तुतियां भी दीं और बोर्ड के सदस्यों ने इस पर प्रतिक्रिया भी दी।

यह बैठक नियम-आधारित से भूमिका-आधारित शासन की ओर बढ़ने में रूपांतरणकारी भूमिका निभाने के प्रयासों को दोगुना करने के संकल्प के साथ समाप्त हुई।

Related Post

Tags