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  • प्रौद्योगिकी कंपनियां, स्टार्ट-अप्स और सरकार भारत को सेमीकंडक्टर राष्ट्र और इलेक्ट्रॉनिक्स की वैश्विक मूल्य श्रृंखला में एक बड़ी ताकत बनाने के लिए भागीदारी करेंगे: राज्‍य मंत्री श्री राजीव चंद्रशेखर

    प्रौद्योगिकी कंपनियां, स्टार्ट-अप्स और सरकार भारत को सेमीकंडक्टर राष्ट्र और इलेक्ट्रॉनिक्स की वैश्विक मूल्य श्रृंखला में एक बड़ी ताकत बनाने के लिए भागीदारी करेंगे: राज्‍य मंत्री श्री राजीव चंद्रशेखर

    समग्र समाचार सेवा
    नई दिल्ली, 15दिसंबर।केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी और कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री श्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार भारत को प्रौद्योगिकी का एक उपभोक्ता और बैक ऑफिस सपोर्ट देने वाले देश से आगे दुनिया का एक अग्रणी प्रौद्योगिक उत्पादक बनाने के लिए शोध एवं विकास के प्रयासों में पूंजी सहयोग दे रही है।

    आज बेंगलुरू में हुए आईईईई मैपकॉन (माइक्रोवेव, एंटीनाज ऐंड प्रोपागेशन कॉन्फ्रेंस) 2022 के पहले संस्करण को वर्चुअल रूप में संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा, “हम अब दुनिया के लिए बैक-ऑफिस सपोर्ट नहीं हैं। हमारे कुशल इंजीनियरों को कुछ नया करने और अपना उद्यम शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार इन पहलों को समर्थन देने के लिए पूरी तरह तैयार है। भावी डिजाइन, भावी प्रयोगशालाओं और भावी कौशलों द्वारा समर्थित डिजिटल इंडिया कार्यक्रम भारत को एक सेमीकंडक्टर राष्ट्र बनने में सक्षम बनाएगा।”

    भारत सेमीकंडक्टर और प्रमुख तकनीक विकास के लिए आरएंडडी पूंजी जुटाने के लिए जल्द ही भविष्य की प्रयोगशालाओं का शुभारम्भ करेगा। उन्होंने कहा, ये प्रयोगशालाएं सी-डैक से जुड़ी होंगी और इससे उद्योग और अकादमिक सहयोग को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रौद्योगिकी कंपनियां, स्टार्ट-अप और सरकार भारत को सेमीकंडक्टर राष्ट्र और इलेक्ट्रॉनिक्स वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में प्रमुख खिलाड़ी के रूप में तैयार करने के लिए भागीदार बनेंगे।

    केंद्रीय मंत्री ने बेंगलुरू में रीवा विश्वविद्यालय में आईईईई-आन्सिस सेंटर फॉर स्किल डेवलपमेंट इन आरएफ एंड माइक्रोवेव और आनसिस इनोवेशन स्पेस (एआईएस) पोर्टल का भी शुभारम्भ किया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत विजन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र इलेक्ट्रॉनिकी, सेमीकंडक्टर और एएंडडी क्षेत्रों में कार्यबल को कुशल बनाने में सहायता करेगा।

    इस केंद्र और एआईएस पोर्टल के माध्यम से, वैश्विक अगुआ और इंजीनियरिंग सिमुलेशन सॉफ्टवेयर के अन्वेषक आन्सिस का उद्देश्य प्रधानमंत्री के कौशल भारत और आत्मनिर्भर भारत मिशन के अनुरूप इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और एयरोस्पेस एवं अंतरिक्ष के क्षेत्र में कार्यबल के कौशल और विशेषज्ञता के विकास में सहायता करना है।

    केंद्र के बारे में श्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा, “कौशल विकास केंद्र से पता चलता है कि कैसे उद्योग और शिक्षा क्षेत्र एक साथ आ सकते हैं और अत्याधुनिक कौशल और स्किल इंडिया मिशन के विकास पर जोर दे सकते हैं। मैं इसे पूरे भारत में ले जाने के लिए अपने समर्थन और सहायता की पेशकश करता हूं। आन्सिस इनोवेशन स्पेस (एआईएस) पोर्टल एक अच्छी पहल है जो डिजिटल आधारित कौशल विकास कार्यक्रम उपलब्ध कराने के सरकार के प्रयासों में बहुत अच्छी पूरक हो सकता है।”

    सेंटर फॉर स्किल डेवलपमेंट इन आरएफ एंड माइक्रोवेव का विकास और गति देने एवं पेशेवरों और छात्रों दोनों के लिए क्षमता विकास के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यह मौजूदा प्रणाली में रेडियो फ्रीक्वेंसी (आरएफ) और माइक्रोवेव इंजीनियरिंग में सबसे उन्नत रुझानों के अनुकूलन पर केंद्रित है। यह सुविधा हर साल 1500 से अधिक छात्रों और पेशेवरों को प्रशिक्षण और ज्ञान प्रदान करने में सक्षम होगी।

  • पशुधन के लिए मिलेगी बड़ी राहत, कृषि मंत्री श्री तोमर ने लांच की लम्पी स्किन रोग की स्वदेशी वैक्सीन

    पशुधन के लिए मिलेगी बड़ी राहत, कृषि मंत्री श्री तोमर ने लांच की लम्पी स्किन रोग की स्वदेशी वैक्सीन

    समग्र समाचार सेवा
    नई दिल्ली, 10 अगस्त। देश के पशुधन के लिए बड़ी राहत प्रदान करते हुए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने आज पशुओं को लम्पी स्किन रोग से बचाव हेतु स्वदेशी वैक्सीन (लम्पी- प्रो वैक-इंड) लांच की। यह वैक्सीन राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र, हिसार (हरियाणा) ने भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान, इज्जतनगर (बरेली) के सहयोग से बनाई है। श्री तोमर ने इस वैक्सीन को लम्पी बीमारी के निदान के लिए मील का पत्थर बताते हुए कहा कि मानव संसाधन के साथ ही पशुधन हमारे देश की बड़ी ताकत है, जिन्हें बचाना हमारा बड़ा दायित्व है।

     

                श्री तोमर ने कहा कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के तहत यह वैक्सीन विकसित करके एक और नया आयाम स्थापित किया गया है। उन्होंने अश्व अनुसंधान केंद्र व पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों को बधाई दी, जिनके प्रयासों से लम्पी रोग के टीके को विकसित किया गया है। 2019 में जब से यह बीमारी भारत में आई, तब से ही संस्थान वैक्सीन विकसित करने में जुटे थे।

    श्री तोमर ने प्रसन्नता जताई कि वैज्ञानिकों ने इस चुनौती को स्वीकार किया और अल्पावधि में, सीमित परीक्षण में सभी मानक स्तर पर शत-प्रतिशत कारगर वैक्सीन विकसित की है, जो लम्पी बीमारी से निजात दिलाने में असरकारी होगी।

     

    श्री तोमर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पशुओं को राहत के लिए यह वैक्सीन जल्द से जल्द बड़ी तादाद में मुहैया कराई जाएं। श्री तोमर ने कहा कि देश में तीस करोड़ पशुधन हैं, मूक पशुओं की तकलीफ समझकर उन्हें शीघ्रातिशीघ्र राहत देने के लिए हर संभव उपाय किए जाना चाहिए।

    उन्होंने कहा कि पहले भी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कोरोना से बचाव के लिए हमारे वैज्ञानिकों ने वैक्सीन विकसित की, जिससे पूरे देश के साथ ही अन्य देशों को काफी लाभ हुआ।

                कार्यक्रम में मत्स्यपालन, पशुपालन व डेयरी मंत्री श्री परषोत्तम रूपाला, कृषि राज्य मंत्री श्री कैलाश चौधरी, मत्स्यपालन, पशुपालन व डेयरी सचिव श्री जतिंद्र नाथ स्वेन, आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. हिमांशु पाठक, उपमहानिदेशक डॉ. बी. एन. त्रिपाठी, भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. त्रिवेणी दत्त, राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र के निदेशक डॉ. यशपाल एवं अन्य  वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • किसानों के रूप में हिंदुस्तान के पास हैं स्किल्ड मेनपावर की बड़ी ताकत- कृषि मंत्री

    किसानों के रूप में हिंदुस्तान के पास हैं स्किल्ड मेनपावर की बड़ी ताकत- कृषि मंत्री

    समग्र समाचार सेवा
    नई दिल्ली, 24 जून। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि विकास की जब बात हो तो दृष्टि सर्वांगीण होना चाहिए। विकास का मतलब सिर्फ सड़कें या घर बनाना ही नहीं होता बल्कि समाज के सबसे कमजोर तबके के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएं, तभी सार्थकता है और यहीं वास्तविक विकास है। उन्होंने कहा कि एक लंबे कालखंड के बाद श्री नरेंद्र मोदी के रूप में देश को एक ऐसे प्रधानमंत्री का नेतृत्व मिला है, जिनमें कुछ कर गुजरने की तमन्ना है, उनमें श्रेष्ठ भारत की कल्पना है और इसे साकार करने का जज्बा भी है।
    केंद्रीय मंत्री श्री तोमर ने यह बात सोशियो स्टोरी संस्था द्वारा आयोजित इंडिया सस्टेनेबिलिटी कॉन्क्लेव में कही। केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री श्री कैलाश चौधरी विशेष अतिथि थे। श्री तोमर ने कहा कि हमारे देश में बड़ी आबादी है, जिन्हें सुविधाएं मुहैया कराते हुए विकसित भारत का निर्माण तभी संभव होगा, जब इसमें सभी लोग मिलकर योगदान दें, सभी के कंधे- सभी के कदम, हर व्यक्ति-हर क्षेत्र इसमें साथ निभाएं। मनुष्य जीवन का सदुपयोग समाज के हित, प्रकृति की रक्षा, देश की सेवा और देश को निरंतर उत्कृष्टता की ओर ले जाने में होना चाहिए। श्री तोमर ने कहा कि हमारा देश धर्म प्रधान है और कृषि प्रधान भी है। धर्म परिवार, समाज, देश सभी के प्रति हो और इस भावना के साथ बीज को पल्लवित-पोषित करते हैं तो महारथ मिलती है। देश के प्रति जब धर्म जागृत होता है तो स्वतंत्रता सेनानी फांसी के फंदे को चूमकर शहीद हो जाते हैं, धर्म रूपी मर्म मन में हो तो कोई लापरवाही नहीं होती। धर्म रूपी विचार व कृषि रूपी कर्म की प्रधानता को ध्यान में रखकर आगे बढ़ा जाएं और हम विकसित व संस्कारवान भारत नई पीढ़ी को देकर जाएं।
    श्री तोमर ने कहा कि कृषि प्रधान देश होने के नाते कृषि क्षेत्र की भूमिका महत्वपूर्ण है। यदि हम कृषि क्षेत्र से विमुख होते गए तो पैसा होने पर भी कृषि उत्पाद उपलब्ध नहीं होंगे। देश की आजादी के समय जीडीपी में कृषि क्षेत्र का योगदान पचास प्रतिशत था, जो धीरे-धीरे घटता गया व बाकी सेक्टर बढ़ते गए, जो तात्कालिक परिस्थितियां थी लेकिन आज हमें देखना होगा कि देश में कृषि का क्षेत्र व्यापक है और लगभग साठ प्रतिशत आबादी कृषि से जुड़ी हुई है तथा अधिकांश लोगों की आजीविका कृषि पर निर्भर है, छियासी प्रतिशत छोटे किसान है, जिनके लिए खेती को लाभप्रद बनाते हुए उन्नत कृषि के रूप में बदलना, वैश्विक मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण उत्पादन बढ़ाना जरूरी है। पूर्व सरकारों में कृषि को अपेक्षित प्रधानता नहीं मिली व कृषि विकास के प्रति नजरिया कमजोर रहा, जिससे किसानों की आमदनी नहीं बढ़ी व पर्याप्त साधन भी उन्हें उपलब्ध नहीं हुए लेकिन अब प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में किसानों को सशक्त किया जा रहा है। ड्रोन जैसी टेक्नालाजी, डिजिलट एग्री मिशन तथा निजी निवेश बढ़ाने आदि के जरिये कृषि को उन्नत बनाया जा रहा है।
    उन्होंने कहा कि आज के बदलते भारत में, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से साढ़े 11 करोड़ किसानों के बैंक खातों में हर साल छह-छह हजार रू. भेजे जाते है, जो दुनिया का सबसे बड़ा कार्यक्रम है। अभी तक 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा राशि किसानों को दी जा चुकी है, जिसमें अमानत में खयानत नहीं होती, पूरे छह हजार रु. सीधे किसानों के खातों में जमा होते हैं। एग्री स्टार्ट अप को बढ़ावा, केसीसी का वितरण, सोलह लाख करोड़ रु. का अल्पकालिक ऋण, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना द्वारा सुरक्षा कवच जैसे अनेक ठोस कदम उठाए गए हैं। कोविड़-19 जैसी महामारी में भी अन्नदाताओं ने खाद्य उत्पादन में अग्रणी रहकर खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की, बल्कि हम दुनिया को भी आपूर्ति कर पाएं तथा अस्सी करोड़ गरीबों को भी मुफ्त राशन केंद्र द्वारा दिया गया। श्री तोमर ने कहा कि किसानों या गरीबों को हेय दृष्टि से नहीं देखना चाहिए, बल्कि ये तो स्किल्ड लेबर है, यह मेनपावर हमारे देश की बहुत बड़ी ताकत है। इसी तरह जूते सुधारने वालों को हम लेदर इंजीनियर कह सकते हैं। इन वर्गों की अनदेखी की गई तो फिर इसके दुष्परिणाम भी सामने आएंगे।
    विशिष्ट कार्य करने वाली संस्थाओं व कंपनियों को इस कार्यक्रम में दोनों मंत्रियों ने अवार्ड प्रदान किए। समारोह में सोशियो स्टोरी के संस्थापक श्री मनोज पचौरी, सह-संस्थापिका श्रीमती रचना सक्सेना, ग्रैमी अवार्ड विजेता श्री रिकी केज, फिनोफाई के संस्थापक श्री मयंक सक्सेना, मुस्कान ड्रीम्स के संस्थापक श्री अभिषेक दुबे सहित कार्पोरेट्स के प्रतिनिधि व विषय-विशेषज्ञ उपस्थित थे। संचालन सुश्री धारणा मल्होत्रा ने किया।