Tag: धोखाधड़ी

  • “वित्तीय धोखाधड़ी में नागरिकों के हितों की सुरक्षा” विषय पर एक दिवसीय वेबिनार होगा आयोजित

    “वित्तीय धोखाधड़ी में नागरिकों के हितों की सुरक्षा” विषय पर एक दिवसीय वेबिनार होगा आयोजित

    समग्र समाचार सेवा
    नई दिल्ली, 11 जुलाई। विधि विभाग के सहयोग से 14 जुलाई, 2023 को सीईईआरए-एलएलएसआईयू, बेंगलुरु “वित्तीय धोखाधड़ी में नागरिकों के हितों की सुरक्षा” विषय पर एक दिवसीय वेबिनार आयोजित करेगा।

  • आई.सी.आई.सी.आई. बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में वीडियोकॉन के अध्यक्ष वेणुगोपाल गिरफ्तार

    आई.सी.आई.सी.आई. बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में वीडियोकॉन के अध्यक्ष वेणुगोपाल गिरफ्तार

    समग्र समाचार सेवा
    नई दिल्ली, 26दिसंबर। केन्‍द्रीय अन्‍वेषण ब्‍यूरो-सीबीआई ने आईसीआईसीआई बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में वीडियोकॉन के अध्यक्ष वेणुगोपाल धूत को गिरफ्तार किया है। सूत्रों के अनुसार उन्‍हे मुंबई से गिरफ्तार किया गया है। दो दिन पहले एजेंसी ने इस मामले में आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक चंदा कोचर और उनके पति दीपक कोचर को गिरफ्तार किया था। 2012 में वीडियोकॉन समूह को बैंक द्वारा स्वीकृत तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक के ऋण में अनियमितताओं के आरोप में कार्रवाई की गई थी।

    सीबीआई से जुड़े सूत्रों के अनुसार 71 वर्षीय धूत को सोमवार को मुंबई से गिरफ्तार किया गया। उनकी गिरफ्तारी आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व सीईओ व एमडी चंदा कोचर और उनके पति की गिरफ्तारी के तीन दिनों के बाद की गई है। सीबीआई ने वर्ष 2019 में दर्ज प्रीवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत बैंक लोन से जुड़े मामले में आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व सीईओ व एमडी चंदा कोचर, उनके पति दीपक कोचर और वीडियोकॉन के संस्थापक वेणुगोपाल धूत को अरोपी बनाया है। उनके अलावे इस मामले में दीपक कोचर के संचालन में चलने वाली न्यूपावर रिन्युएबल (एनआरएल), सुप्रीम एनर्जी, वीडियोकॉन इंटरनेशनल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड और वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज लिमिटेड को आरोपी गया है।

    सीबीआई का आरोप है कि आईसीआईसीआई बैंक ने बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, आरबीआई के दिशा-निर्देशों और बैंक की क्रेडिट पॉलिसी का उल्लंघन करते हुए वेणुगोपाल धूत की वीडियोकॉन ग्रुप की कंपनियों को 3,250 करोड़ रुपये की ऋण सुविधाएं दी।

  • ग्रामीण विकास मंत्रालय ने ‘भर्ती धोखाधड़ी’ के खिलाफ जनता को किया आगाह

    ग्रामीण विकास मंत्रालय ने ‘भर्ती धोखाधड़ी’ के खिलाफ जनता को किया आगाह

    समग्र समाचार सेवा
    नई दिल्ली,16 जुलाई। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने शुक्रवार को लोगों को राष्ट्रीय ग्रामीण विकास मिशन द्वारा किए गए “धोखाधड़ी” दावों के खिलाफ चेतावनी दी, जो कथित तौर पर इसके नाम से भर्ती करता है।

    मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि एनआरडीएम उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं है।

    केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने कहा, “बड़े पैमाने पर आम जनता को चेतावनी दी जाती है कि राष्ट्रीय ग्रामीण विकास मिशन-एनआरडीएम (nrdm.in) द्वारा की गई किसी भी भर्ती गतिविधियों को मंत्रालय और/या इसके अधिकारियों के नाम पर कथित रूप से धोखाधड़ी माना जा सकता है और इसका कोई समर्थन नहीं है।

    मंत्रालय ने कहा, “राष्ट्रीय ग्रामीण विकास मिशन-NRDM (nrdm.in), राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM), NDCC-II, 7 वीं मंजिल, जय सिंह रोड नई दिल्ली – 110001 में अपना कार्यालय होने का दावा करता है, और वैकल्पिक परिचालन पता 12 के रूप में है, लोधी रोड, 110003, और संपर्क नंबर 8375999665, ग्रामीण विकास मंत्रालय (MoRD), भारत सरकार के दायरे में काम नहीं करता है, जैसा कि दावा किया गया है,”।

    मंत्रालय ने कहा कि वह भर्ती प्रक्रिया के किसी भी चरण में कोई शुल्क नहीं लेता है या आवेदकों के बैंक खातों की जानकारी का अनुरोध नहीं करता है।

  • CBI के एनएसई की पूर्व सीईओ चित्रा रामकृष्ण गिरफ्तार, धोखाधड़ी का लगा आरोप

    CBI के एनएसई की पूर्व सीईओ चित्रा रामकृष्ण गिरफ्तार, धोखाधड़ी का लगा आरोप

    समग्र समाचार सेवा
    नई दिल्ली, 7 मार्च। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) धोखाधड़ी मामले में एक बड़े घटनाक्रम में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने रविवार रात पूर्व एमडी और सीईओ चित्रा रामकृष्ण को गिरफ्तार कर लिया है। दिल्ली स्थित अपने आवास से गिरफ्तार चित्रा को सोमवार को राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया जाएगा और एजेंसी पूछताछ के लिए उनकी हिरासत की मांग करेगी।

    इससे पहले ग्रुप के पूर्व संचालन अधिकारी आनंद सुब्रमण्यम को 24 फरवरी की रात को कई राउंड की पूछताछ की गई थी। बाद में उन्हें छह मार्च तक सीबीआई हिरासत में भेज दिया गया।

    सीबीआई सुब्रमण्यम से पूछताछ के साथ उनके द्वारा एकत्र किए गए सबूतों की पुष्टि करने की कोशिश कर रही है।

    एजेंसी मई 2018 से इस मामले की जांच कर रही है, लेकिन उन्हें रहस्यमय हिमालयी ‘योगी’ की पहचान करने के लिए कोई ठोस सबूत नहीं मिला है, जिसके साथ चित्रा ने गोपनीय जानकारी साझा की थी।

    सेबी ने हाल ही में उन पर 3 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था, जब बाजार नियामक ने पाया कि उन्होंने 2014 और 2016 के बीच ‘योगी’ के साथ कथित तौर पर एनएसई के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की थी।

    1 अप्रैल 2013 को चित्रा रामकृष्ण एनएसई की सीईओ और एमडी बनी थीं।. वह उसी वर्ष सुब्रमण्यम को अपने सलाहकार के रूप में लाईं।

    सुब्रमण्यम को एनएसई का मुख्य रणनीतिक सलाहकार बनाया गया था। उन्होंने पूंजी बाजार में कोई जोखिम नहीं होने के बावजूद 2015 और 2016 के बीच समूह संचालन अधिकारी और एमडी के सलाहकार बनने से पहले 2013 और 2015 के बीच इस पद पर कार्य किया।

    पहले बामर और लॉरी में मिड-लेवल मैनेजर के रूप में काम करते हुए उन्होंने अपने वार्षिक वेतन को 15 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.68 करोड़ रुपये और फिर 4.21 करोड़ रुपये तक कर लिया था.

    सुब्रमण्यम ने अक्टूबर 2016 में और चित्रा ने दिसंबर 2016 में एनएसई छोड़ दिया था.

     

     

  • बैंक से धोखाधड़ी के आरोप में कोलकाता के उद्योगपति आशीष झुनझुनवाला को ईडी ने किया गिरफ्तार

    बैंक से धोखाधड़ी के आरोप में कोलकाता के उद्योगपति आशीष झुनझुनवाला को ईडी ने किया गिरफ्तार

    समग्र समाचार सेवा
    कोलकाता, 20 नवंबर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शहर की स्टील निर्माता कंपनी रामसरूप इंडस्ट्रीज के प्रमोटर-निदेशक आशीष झुनझुनवाला को एक राष्ट्रीयकृत बैंक से कथित तौर पर धोखाधड़ी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। एजेंसी के सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

    जानकारी के मुताबिक, झुनझुनवाला ने एक राष्ट्रीयकृत बैंक से लगभग 185 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था और पैसे को मांगे गए उद्देश्य के अलावा किसी अन्य उद्देश्य के लिए डायवर्ट किया था।

    प्रवर्तन निदेशालय को 25 नवंबर तक झुनझुनवाला की हिरासत मिली है।

  • बीमा कम्पनियाँ धारकों के साथ धोखाधड़ी कर रही, मालू ने वित्तमंत्री को लिखा पत्र, बात भी की

    बीमा कम्पनियाँ धारकों के साथ धोखाधड़ी कर रही, मालू ने वित्तमंत्री को लिखा पत्र, बात भी की

    समग्र समाचार सेवा
    नई दिल्ली, 27अप्रैल। खनिज निगम के पूर्व उपाध्यक्ष गोविन्द मालू ने कोविड मरीजों के क्लैम देने में बीमा कंपनियों की मनमानी; एम्स की गाईड लाइन की आड़ लेने पर वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण को पत्र लिखा।
    Govind Malu, former vice-president of Mineral Corporation, said the arbitrariness of insurance companies in giving clams to Kovid patientsमालू ने कहा कि एक तरफ तो रोजगार नहीं, व्यापार नहीं, अस्पताल कैश लेस नहीं दे रहे, मरीजों से नगद जमा करवा रहे हैं।दूसरे बीमा कम्पनियां क्लेम में बिल के आधे काट रही है, कँही क्लेम से ही एम्स की गाइड लाइन के आधार पर पल्ला झाड़ रही है, जो पीड़ित दुःखी परिवार पर और वज्रपात है।जबकि ऐसे आपदा के समय ही, बीमा सुरक्षा कवच बन सकता है,लेकिन बीमा धारक ठगा महसूस कर रहें हैं।किसी को अस्पताल में भर्ती होने का शौक नहीं, जो बीमा कम्पनियाँ मरीज की भर्ती होने की जरूरत पर ही प्रश्नचिन्ह लगाकर क्लेम खारिज कर अन्याय करे।

    मालू ने वित्त मंत्री से मांग की, कि बीमा कंपनियों को निर्देशित करें कि वे मनमाने ढंग से काम न करे और मानवीय, व्यवहारिक पहलू को ध्यान में रखे।
    यदि बिलों में कोई मनमानी कीमत ली गई है तो उस अस्पताल पर जिला प्रशासन से कार्रवाई करवाए।बीमा कम्पनियाँ ऐसे प्रकरणों पर धारकों के हित में प्रशासन को नियमानुसार कार्रवाई के लिए लिखे,और राशि वापस दिलवाएं, क्योंकि जो गलत है वह हर जगह गलत है।ऐसे अस्पतालों के लाइसेंस निरस्त किए जाएं।