Tag: झारखंड

  • प्रधानमंत्री ने झारखंड के पतरातू में स्वच्छ जल आपूर्ति की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की, की प्रशंसा

    प्रधानमंत्री ने झारखंड के पतरातू में स्वच्छ जल आपूर्ति की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की, की प्रशंसा

    समग्र समाचार सेवा
    नई दिल्ली, 17 मई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने झारखंड के पतरातू में स्वच्छ जल आपूर्ति की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की है।

    झारखंड के पतरातू में 50 करोड़ रुपये की लागत से जल शोधन संयंत्र और पानी के टैंक के पूरा होने पर हजारीबाग के सांसद जयंत सिन्हा के एक ट्वीट को साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया-

    “बहुत ही सराहनीय प्रयास! स्वच्छ पानी की यह सुविधा झारखंड में पतरातू की हमारी माताओं और बहनों के जीवन को बहुत आसान बनाने वाली है।”

  • प्रधानमंत्री ने झारखंड के संसद सदस्य की बुक बैंक पहल की सराहना की

    प्रधानमंत्री ने झारखंड के संसद सदस्य की बुक बैंक पहल की सराहना की

    समग्र समाचार सेवा
    नई दिल्ली, 30मार्च। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रांची से लोकसभा सदस्य संजय सेठ की पुस्तक बैंक पहल की सराहना की है।

    लोकसभा सदस्य के एक ट्वीट के जवाब में प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया:
    “बहुत खुशी की बात! बुक बैंक एक शानदार प्रयास है, जो युवाओं में किताबों के प्रति दिलचस्पी बढ़ाने वाला है।”

  • नितिन गडकरी ने रांची, झारखंड में 9400 करोड़ रुपये की 21 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया

    नितिन गडकरी ने रांची, झारखंड में 9400 करोड़ रुपये की 21 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया

    समग्र समाचार सेवा
    नई दिल्ली, 24 मार्च। केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने झारखंड की राजधानी रांची के धुर्वा में 9400 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 532 किलोमीटर की 21 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।

    गडकरी ने कहा कि 7000 करोड़ रुपये की लागत से रांची से वाराणसी तक 260 किलोमीटर के 4 लेन वाले इंटर कॉरिडोर के निर्माण से 5 घंटे में रांची से वाराणसी पहुंचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि 635 किलोमीटर का 4 लेन वाला रायपुर-धनबाद आर्थिक कॉरिडोर कोयला, स्टील, सीमेंट और अन्य खनिजों के परिवहन की सुविधा प्रदान करेगा।

  • सरकार लोगों के हुनर ​​को बढ़ाने और इससे जुड़े रोजगार मुहैया कराने के लिए प्रयास करती रहेगी: अर्जुन मुंडा

    सरकार लोगों के हुनर ​​को बढ़ाने और इससे जुड़े रोजगार मुहैया कराने के लिए प्रयास करती रहेगी: अर्जुन मुंडा

    समग्र समाचार सेवा
    नई दिल्ली, 6मार्च। केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा ने 4 मार्च को मुख्य अतिथि के रूप में कौशल महोत्सव में भाग लिया। इस महोत्सव को कौशल विकास मंत्रालय ने जनजातीय कार्य मंत्रालय, मोटर वाहन कौशल विकास परिषद और राष्ट्रीय कौशल विकास परिषद के सहयोग से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘अवसरों को हमारे युवाओं के कौशल से जोड़ने पर ध्यान केंद्रित करने के आह्वान’ के अनुरूप आयोजित किया है। अर्जुन मुंडा अपने खूंटी संसदीय क्षेत्र में आने वाले सरायकेला-खरसावां जिले के काशी साहू कॉलेज बहुउद्देश्यीय सभागार में हो रहे इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

    इस कार्यक्रम में जनजातीय कार्य मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव आर जया, सरायकेला के उपायुक्त अरवा राजकमल, एएसडीसी के सीईओ अरिंदम लाहिड़ी और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

    मेगा जॉब फेयर सार्वजनिक-निजी भागीदारी का एक अनूठा उदाहरण है और इसमें प्रमुख ऑटोमोटिव कंपनियों ने भाग लिया, जो आदिवासी युवाओं को दोपहिया और चौपहिया वाहनों के लिए प्रशिक्षित तकनीशियन बनने के लिए नौकरी के अवसर प्रदान कर रही थी। जॉब फेयर में 11 कंपनियों द्वारा विभिन्न जॉब रोल्स में 350 से अधिक उम्मीदवारों का चयन किया गया।

    इस अवसर पर बोलते हुए केन्द्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने मेले में नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले सभी युवाओं को हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज जनजातीय कार्य मंत्रालय, कौशल विकास मंत्रालय के सहयोग से और उद्यमिता, एएसडीसी, एनएसडीसी और एनसीवीईटी ने आजीविका मिशन को एक नया आयाम दिया है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार आने वाले भविष्य में लोगों के कौशल को बढ़ाने और इससे संबंधित रोजगार प्रदान करने के लिए प्रयास करती रहेगी जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा और प्रौद्योगिकी जैसे सभी क्षेत्र होंगे। अगर लोग लघु उद्योग चलाना चाहते हैं तो उनके लिए अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।

    उन्होंने कहा कि “सेवा परमो धर्मः” समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति के उत्थान के लिए कार्य करने की प्रेरणा देता है। देश के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार इस विचार को आगे बढ़ाकर एक वास्तविकता बना रही है।

    जनजातीय मामलों के मंत्रालय की अपर सचिव सुश्री आर जया ने कहा, “मेरा मानना ​​है कि झारखंड में छात्रों और ऑटोमोटिव क्षेत्र के लिए जॉब फेयर एक महत्वपूर्ण आयोजन था। इसने आदिवासी छात्रों को अपने कौशल का प्रदर्शन करने और कंपनियों को अपनी इकाइयों के लिए सही प्रतिभा खोजने के लिए एक मंच प्रदान किया, जिससे आदिवासी युवाओं को अपने कौशल को उन्नत करने और प्रतिष्ठित संगठनों के साथ काम करने का सही अवसर मिला।”

    एएसडीसी के सीईओ, अरिंदम लाहिड़ी ने इस आयोजन के सफल परिणाम पर प्रसन्नता व्यक्त की, क्योंकि भाग लेने वाली कंपनियों को उनकी कामकाजी इकाइयों के लिए एक कुशल कार्यबल मिला। उन्होंने कहा: “एएसडीसी झारखंड के युवाओं को कौशल के अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारे प्रशिक्षण कार्यक्रम छात्रों को ऑटोमोटिव क्षेत्र में सफल होने के लिए आवश्यक कौशल से लैस करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं और इस जॉब फेयर जैसे आयोजन हमारी सफलता के उदाहरण हैं। हम इतने सारे उम्मीदवारों को सुरक्षित रोजगार देखकर रोमांचित हैं और हम भविष्य में निरंतर सफलता की आशा करते हैं।”

  • आजादी के 100 वर्ष पूरे होने तक हमारा देश विश्व गुरू बनें, सारी दुनिया में श्रेष्ठ भारत के रूप में पहचाना जाएं- नरेंद्र सिंह तोमर

    आजादी के 100 वर्ष पूरे होने तक हमारा देश विश्व गुरू बनें, सारी दुनिया में श्रेष्ठ भारत के रूप में पहचाना जाएं- नरेंद्र सिंह तोमर

    समग्र समाचार सेवा
    नई दिल्ली, 4 मार्च। झारखंड में गुमला जिले के बिशनुपुर में आयोजित जिला स्तरीय बहुउद्देशीय वृहद किसान मेले का शुभारंभ केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किया। विकास भारती, बिशुनपुर की स्थापना की 40वीं वर्षगांठ के उपलक्ष में संस्था व उसके प्रशासनिक प्रबंधन में संचालित कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), गुमला द्वारा आयोजित मेले में मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यक्तित्व व कृतित्व, उनकी दूरदृष्टि और संकल्पशक्ति के कारण पूरी दुनिया में भारत की इज्जत बढ़ी है। आज दुनिया हिंदुस्तान की तरफ अपेक्षाभरी नजरों से देख रही है कि मुसीबत के समय यदि जरूरत पड़ेगी तो भारत हमें मदद करेगा। केंद्रीय मंत्री तोमर ने कहा कि अभी अमृत महोत्सव से लेकर अमृत काल तक, जब देश की आजादी के 100 साल पूरे हो, तब तक भारत विश्व गुरू बनें और सारी दुनिया में श्रेष्ठ भारत के रूप में पहचाना जाए, यह तभी संभव है जब हम सबका साथ- सबका विकास- सबका विश्वास- सबका प्रयास के मूल मंत्र को अपनाते हुए काम करें। इस जिम्मेदारी को प्रत्येक नागरिक को समझकर काम करना होगा।

    केंद्रीय मंत्री तोमर ने कृषि क्षेत्र के महत्व को प्रतिपादित करते हुए कहा कि इसमें इतनी बड़ी ताकत है कि इसे न मुगल हिला पाएं, न ही अंग्रेज. कोरोना जैसी महामारी के दौरान भी हमारे कृषि क्षेत्र ने देश की अर्थव्यवस्था को संभाले रखा। कोरोना काल में भी किसानों ने बंपर पैदावार की व प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 80 करोड़ लोगों को मुफ्त खाद्यान्न केंद्र ने उपलब्ध कराया। मोदी सरकार किसानों को समृद्ध करने में जुटी हैं। कृषि- ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्टर की मजबूती इसी उद्देश्य के साथ की जा रही है।

    केंद्रीय कृषि मंत्री तोमर ने कहा कि कृषि क्षेत्र में अनेक प्रकार की चुनौतियां है, जिनका सामना निरंतर करते रहना पड़ेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने फसल बीमा योजना जैसा सुरक्षा कवच किसानों को प्रदान किया है, इस योजना के तहत 1.30 लाख करोड़ रु. क्लेम देकर किसानों को उनके नुकसान की भरपाई करने का काम किया है। केंद्रीय कृषि मंत्री तोमर ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में कौन-सी फसल ऐसी हो सकती है, जो किसानों को ज्यादा पैसा दिला सकती है, किसानों के पास कौन-सी टेक्नालाजी पहुंचे, जिससे कि उनकी खेती संरक्षित हो, लागत कम और मुनाफा ज्यादा हो, यह जागरूकता लाई जाना चाहिए। उन्होंने फसल विविधीकरण को वर्तमान समय की आवश्यकता बताया, साथ ही कहा कि छोटे किसानों की ताकत बढ़ाने के लिए उन्हें एफपीओ के माध्यम से संगठित करने की जरूरत है, इस दिशा में सरकार काम कर रही है

    केंद्रीय कृषि मंत्री तोमर ने कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड की महत्वाकांक्षी योजना के तहत केंद्र द्वारा 20 लाख करोड़ रु. तक का लक्ष्य रखा गया है, जिसका लाभ हमारे किसान ले रहे हैं। इसमें पशुपालन, मत्स्यपालन सहित सम्बद्ध क्षेत्रों के किसान भी शामिल किए गए हैं। सूक्ष्म सिंचाई योजना, कृषि अवसंरचना कोष आदि के जरिये भी बहुसंख्यक छोटे किसानों को लगातार लाभ पहुंचाया जा रहा है।

    केंद्रीय कृषि मंत्री तोमर ने किसानों को सशक्त करने पर जोर देते हुए कहा कि किसान आगे बढ़ेगा तो देश आगे बढ़ेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री की पहल पर संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित अंतरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष 2023 का जिक्र करते हुए कहा कि किसानों को इस दिशा में तेजी से प्रवृत्त होना चाहिए। झारखंड मिलेट (श्री अन्न) स्टेट रूप में दुनिया में जाना जाए, इस दिशा में राज्य सरकार को भी तेज प्रयास करना चाहिए।

    कार्यक्रम में सुदर्शन भगत, समीर उरांव सांसदगण के साथ ही बिरसा कृषि विश्वविद्यालय रांची के कुलपति डा. ओंकारनाथ सिंह, सरसों अनुसंधान निदेशालय भरतपुर के निदेशक डा. पी.के. राय, विकास भारती की उपाध्यक्ष डा. रंजना चौधरी, सचिव पद्मश्री डा. अशोक भगत, संयुक्त सचिव महेंद्र भगत, केवीके के डा. संजय सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान भाई-बहन तथा वैज्ञानिक भी उपस्थित थे।

  • जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा 4 मार्च 2023 को झारखंड के सरायकेला में ऑटोमोटिव कौशल विकास परिषद द्वारा आयोजित विशाल रोजगार मेले का उद्घाटन करेंगे

    जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा 4 मार्च 2023 को झारखंड के सरायकेला में ऑटोमोटिव कौशल विकास परिषद द्वारा आयोजित विशाल रोजगार मेले का उद्घाटन करेंगे

    समग्र समाचार सेवा
    नई दिल्ली, 3 मार्च।केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा 4 मार्च, 2023 को झारखंड में सरायकेला जिले के काशी साहू कॉलेज में ऑटोमोटिव कौशल विकास परिषद (एएसडीसी) द्वारा आयोजित अप्रेंटिसशिप रोजगार मेला (जॉब फेयर) में कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में इसका शुभारंभ करेंगे।

    विशाल रोजगार मेला का आयोजन सार्वजनिक निजी भागीदारी का एक उत्कृष्ट उदाहरण होगा। इस मेगा जॉब फेयर में अग्रणी ऑटोमोटिव कंपनियों के भाग लेने की संभावना है, जो जनजातीय युवाओं को दोपहिया एवं चार पहिया वाहनों के लिए प्रशिक्षित तकनीशियन बनाने के उद्देश्य से नौकरी के अवसर प्रदान करेंगी। रोजगार मेले में आसपास के इलाकों से हजारों जनजातीय उम्मीदवारों के शामिल होने की उम्मीद है।

    बड़ी संख्या में नौकरी प्रदान करने का यह कार्यक्रम झारखंड में छात्रों और ऑटोमोटिव क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण आयोजन सिद्ध होगा। रोजगार मेला जनजातीय विद्यार्थियों को अपने कौशल का प्रदर्शन करने तथा कंपनियों को अपनी इकाइयों के लिए सही उम्मीदवार खोजने का एक मंच प्रदान करेगा, जिससे जनजातीय युवाओं को कुशल और प्रतिष्ठित संगठनों के साथ काम करते हुए अपनी तरक्की के लिए बेहतर अवसर मिलेंगे।

    टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा सितंबर 2022 में भी इसी तरह के उम्मीदवार भर्ती अभियान का आयोजन किया गया था। इस दो दिवसीय भर्ती अभियान का आयोजन खूंटी, सरायकेला, चाईबासा और सिमदेगा में हुआ था। खूंटी की 488 लड़कियों में से कुल 387, सरायकेला की 331 लड़कियों में से 152, सिमदेगा की 1071 लड़कियों में से 846 और चाईबासा की 715 लड़कियों में से 513 ने भर्ती अभियान में अर्हता प्राप्त की और उन्हें तमिलनाडु में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के होसुर प्लांट में नियुक्त किया गया था।

    माननीय प्रधानमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित किये गए सेवा पखवाड़ा के दौरान जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा के अथक प्रयासों से यह अभियान शुरू किया गया था। इस पहल को बहुत सराहनीय प्रतिक्रिया मिली थी और जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों से 2600 से अधिक लड़कियों एवं युवतियों ने भर्ती अभियान में भाग लिया, जिनमें से 1898 लड़कियों को 2 दिन में ही चुन लिया गया।

    आशा व्यक्त की जा रही है कि भविष्य में झारखंड और देश के अन्य जनजातीय क्षेत्रों में ऑटोमोटिव क्षेत्र के विकास का सहयोग करने के लिए इसी तरह के आयोजन किए जाएंगे।

  • एनटीपीसी ने झारखंड के उत्तरी कर्णपुरा सुपर क्रिटिकल प्लांट में देश का पहला वातानुकूलित कंडेनसर चालू किया

    एनटीपीसी ने झारखंड के उत्तरी कर्णपुरा सुपर क्रिटिकल प्लांट में देश का पहला वातानुकूलित कंडेनसर चालू किया

    समग्र समाचार सेवा
    नई दिल्ली, 2मार्च।एनटीपीसी ने रिड्यूस, रीयूज और रीसायकल के माध्यम से जल संरक्षण के लिए अपनी प्रतिबद्धता का प्रदर्शन करते हुए, भारत का पहला वातानुकूलित कंडेनसर वाला सुपर क्रिटिकल प्लांट चालू किया है।

    देश की सबसे बड़ी एकीकृत विद्युत उत्पादक कंपनी, एनटीपीसी ने 01 मार्च 2023 को झारखंड के उत्तरी कर्णपुरा (3*660 मेगावाट) में 660 मेगावाट की पहली इकाई का वाणिज्यिक परिचालन शुरू किया है।

    इस परियोजना की परिकल्पना एयर कूल्ड कंडेनसर (एसीसी) के साथ की गई है, जिसमें पारंपरिक वाटर कूल्ड कंडेनसर (डब्ल्यूसीसी) की तुलना में लगभग 1/3 वाटर फुटप्रिंट है। इसके माध्यम से एक वर्ष में लगभग 30.5 एमसीएम पानी की बचत होगी और इस प्रकार से इस क्षेत्र में वार्षिक रूप से लगभग 15 लाख लोगों की आवश्यकताओं की पूर्ति होगी।

    एनटीपीसी द्वारा पहले ही अपने संयंत्रों में जल का ठोस प्रबंधन करने के लिए में अनेक उपाय किए गए हैं। एनटीपीसी, विद्युत उत्पादन की अपनी मुख्य व्यावसायिक गतिविधि के साथ-साथ जल संरक्षण और प्रबंधन करने के लिए 3 आर (रिड्यूस, रियूज, रीसायकल) को बढ़ावा देगा। एनटीपीसी लिमिटेड प्रतिष्ठित यूएन ग्लोबल कॉम्पैक्ट्स सीईओ वाटर मैंडेट का एक हस्ताक्षरकर्ता भी है।

    एनटीपीसी जल नीति को लागू करते हुए जल संवहनीयता के मुद्दों को सक्रिय रूप से संबोधित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो जल प्रबंधन रणनीतियों, प्रणालियों, प्रक्रियाओं, प्रथाओं और अनुसंधान पहलों की स्थापना के लिए एक दिशासूचक के रूप में काम करेगा।

    उत्तरी कर्णपुरा संयंत्र में 660 मेगावाट की 3 इकाइयां होंगी जिसकी कुल क्षमता 1,980 मेगावाट होगी। यह संयंत्र सबसे कुशल सुपरक्रिटिकल प्रौद्योगिकी पर आधारित है और एक पिट हेड संयंत्र (कोयला खदान से 10 किमी) होने के कारण झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा राज्यों को सस्ते दामों पर विद्युत की आपूर्ति करेगा।

    एनटीपीसी प्रौद्योगिकियों का लाभ उठाने में हमेशा सबसे आगे रहा है और विद्युत क्षेत्र में नई प्रौद्योगिकियों को अपनाने का बीड़ा उठाया है। एनटीपीसी वर्तमान में कोयला, गैस, हाइड्रो, सौर और पवन संयंत्रों के माध्यम से देश में विद्युत की 24 प्रतिशत मांग को पूरा करता है।

  • कौशल विकास और उद्यमिता राज्यमंत्री कल झारखंड में ग्रामीण उद्यमी योजना के तहत 200 से अधिक आदिवासी महिलाओं के सम्मान समारोह में होंगे शामिल

    कौशल विकास और उद्यमिता राज्यमंत्री कल झारखंड में ग्रामीण उद्यमी योजना के तहत 200 से अधिक आदिवासी महिलाओं के सम्मान समारोह में होंगे शामिल

    समग्र समाचार सेवा
    रांची,17 जनवरी। कौशल विकास और उद्यमिता राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर कल झारखंड में ग्रामीण उद्यमी योजना के तहत सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा करने वाली 200 से अधिक आदिवासी महिलाओं के सम्मान समारोह में शामिल होंगे। आदिवासी समुदायों के समावेशी और सतत विकास को ध्यान में रखते हुए कौशल प्रशिक्षण बढ़ाने के लिए ग्रामीण उद्यमी योजना शुरू हुई थी।

    कार्यक्रम के तहत, भारत के युवाओं को बहु-कौशल सम्पन्न और आजीविका सक्षम बनाने के लिए कार्यात्मक कौशल प्रदान करने का प्रयास किया जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यबल में जनजातीय समुदायों की भागीदारी पर जोर दिया है, ताकि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और उनके भौगोलिक क्षेत्रों में उनकी रिहाइश सुनिश्चित करने के लिए उनका समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सके।

  • केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह 7 जनवरी को करेंगे झारखंड और छत्तीसगढ़ का दौरा, यहां जानें उनका पूरा कार्यक्रम

    केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह 7 जनवरी को करेंगे झारखंड और छत्तीसगढ़ का दौरा, यहां जानें उनका पूरा कार्यक्रम

    समग्र समाचार सेवा
    नई दिल्ली, 6जनवरी। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सात जनवरी को झारखंड और छत्तीसगढ़ का दौरा करेंगे। छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान अमित शाह बिलासपुर संभाग के कोरबा जिले में एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। इसके अलावा, अमित शाह राज्य के आकांक्षी जिलों की समीक्षा बैठक करेंगे।

    दरअसल, 2023 छत्तीसगढ़ का चुनावी साल है। इसी साल नवंबर में राज्य में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इस लिहाज अमित शाह का चुनावी साल में दौरा करना राजनीतिक रूप से खास माना जा रहा है. अमित शाह बीजेपी के शीर्ष रणनीतिकार हैं. इसलिए, ये कहना गलत नहीं होगा की अमित शाह के दौरे के पीछे 2023 में राज्य में सत्ता वापसी और 2024 में केंद्र में सत्ता की कुर्सी बरकरार रखने के लिए कार्यकर्ताओं को रिचार्ज करेंगे। साथ ही शाह पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को जीत का गुरुमंत्र भी देंगे. इसके अलावा छत्तीसगढ़ के शीर्ष नेताओं को चुनाव को लेकर निर्देश भी दे सकते है।

    आकांक्षी जिलों की समीक्षा बैठक
    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे को लेकर बताया जा रहा है कि शाह 7 जनवरी को झारखंड और छत्तीसगढ़ के दौरे पर रहेंगे. पहले झारखंड में सभा करेंगे. इसके बाद शाह सीधे कोरबा पहुंचेंगे. कोरबा में पहले तो अधिकारियों से राज्य के आकांक्षी जिलों की समीक्षा बैठक करेंगे. इसके अलावा, केंद्रीय योजनाओं की क्रियान्वयन को लेकर भी चर्चा करेंगे. बैठक समाप्त होने के बाद एक सभा को संबोधित करेंगे. इस समय बीजेपी के सभी बड़े नेताओं से अमित शाह मुलाकात करेंगे और मिशन 2023 की तैयारियों पर मीटिंग कर सकते है.

    रैली को सफल बनाने में जुटे बीजेपी नेता
    छत्तीसगढ़ बीजेपी की तरफ से 7 जनवरी के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है. हालांकि, अबतक केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से अमित शाह के दौरे को लेकर प्रोटोकाल जारी नहीं किया गया है, लेकिन बीजेपी ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव जिले के पदाधिकारियों की बैठक लेने वाले है और तैयारियों की चर्चा करेंगे. वहीं बीजेपी के मीडिया प्रभारी अमित चिमनानी ने बताया कि 7 जनवरी को अमित शाह कोरबा जिले आ रहे है. कोरबा में पार्टी की एक बड़ी सभा होगी. इसके लिए तैयारी की जा रही है।

  • झारखंड में अजीब फरमान, बेटे ने किया अंतजार्तीय विवाह, लोगों ने मंत्री के खिलाफ जारी किया फरमान

    झारखंड में अजीब फरमान, बेटे ने किया अंतजार्तीय विवाह, लोगों ने मंत्री के खिलाफ जारी किया फरमान

    समग्र समाचार सेवा
    नई दिल्ली, 7दिसंबर।झारखंड में एक जातीय संगठन ने हैरान करने वाला फरमान जारी किया है. खरवार भोक्ता समाज विकास संघ ने झारखंड सरकार के मंत्री सत्यानंद भोक्ता और उनके परिवार के बहिष्कार का एलान कर दिया है. वजह बस इतनी है कि मंत्री के पुत्र की अंतजार्तीय शादी हो रही है. जातीय संगठन ने इसपर तीव्र एतराज जताया है. उसका कहना है कि मंत्री जातीय परंपराओं को तोड़ रहे हैं.

    इधर मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने जातीय संगठन के इस फरमान को हास्यास्पद करार दिया है. उन्होंने कहा है कि जो लोग मेरे बहिष्कार का एलान कर रहे हैं, वह खुद समाज से बहिष्कृत लोग हैं.

    8 दिसंबर को है बेटे की शादी
    राष्ट्रीय जनता दल से ताल्लुक रखने वाले सत्यानंद भोक्ता चतरा के रहने वाले हैं. वह झारखंड सरकार में श्रम नियोजन एवं कौशल विकास मंत्री हैं. उनके पुत्र मुकेश बैठा की शादी 8 दिसंबर को हो रही है. इसके पहले 7 दिसंबर को वैवाहिक आशीर्वाद समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी शिरकत करने वाले हैं.

    इधर वैवाहिक कार्यक्रमों के ठीक पहले खरवार भोक्ता समाज विकास संघ ने बैठक कर यह फरमान जारी कर दिया कि मंत्री सत्यानंद भोक्ता के पुत्र की शादी दूसरी जाति की लड़की से करने का फैसला हमारी जाति समाज की परंपराओं पर आघात है.

    भोक्ता समाज ने लिखित फरमान किया जारी
    खुद को खरवार भोक्ता समाज विकास संघ का केंद्रीय अध्यक्ष बताने वाले दर्शन गंझू ने बकायदा लिखित तौर पर फरमान जारी कर कहा है कि सत्यानंद भोक्ता के घर-परिवार के लोगों के साथ खरवार भोक्ता जाति के लोग कोई ताल्लुक नहीं रखेंगे. उनके परिवार में होने वाले किसी भी शादी-विवाह, श्राद्ध आदि में इस जाति के लोग भाग नहीं लेंगे.फरमान में यह भी कहा गया है कि जो लोग इस फरमान का उल्लंघन करेंगे, उन्हें भी जातीय समाज से निकाल दिया जाएगा.

    दूसरी तरफ मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने कहा है कि कुछ लोग जाति के नाम पर ठेकेदारी चलाना चाहते हैं. झारखंड में भोक्ता समाज की पहचान वे खुद हैं. हमारे यहां के वैवाहिक समारोह में भोक्ता समाज सहित सभी जाति-धर्म के लोग शिरकत कर रहे हैं.

    बता दें कि झारखंड की भोक्ता जाति को भारत सरकार ने हाल में अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की अधिसूचना जारी की है. इसके पहले इसे अनुसूचित जाति का दर्जा हासिल था.