क्या योगी को अपनों से खतरा है?
[caption id="attachment_51983" align="alignleft" width="116"] त्रिदीब रमण[/caption] ‘मेरे मन के कोने के ठहरे अंधेरों में जुगनुओं सा चमकता तू तेरे हाथों में खंजर की है जुस्तजू...
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[caption id="attachment_51983" align="alignleft" width="116"] त्रिदीब रमण[/caption] ‘मेरे मन के कोने के ठहरे अंधेरों में जुगनुओं सा चमकता तू तेरे हाथों में खंजर की है जुस्तजू...
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