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Indian Culture

दुनिया की सबसे ज्यादा बोली और समझी जाने वाली भाषा है हिंदी

हिंदी दुनिया भर में सबसे अधिक बोली, समझी और महसूस की जाने वाली भाषाओं में प्रमुख स्थान रखती है। यह केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, संवेदना और वैश्विक पहचान की एक मजबूत धुरी है। आधुनिक युग और डिजिटल मंचों के…

अमित शाह ने विश्व संस्कृत दिवस पर दी बधाई

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विश्व संस्कृत दिवस के अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी प्राचीन संस्कृति, ज्ञान, दर्शन और सभ्यता का मूल आधार है। सरकार देश में…

बदलते रिश्ते और उपयोगिता का दौर: एक सामाजिक नजरिया

समग्र समाचार सेवा आज के समय में यदि गांव देहात में किसी पशुपालक की गाय या भैंस बछड़ा/पाड़ा को जन्म दे, तो वह दुखी हो जाता है। कोई पड़ोसी पूछे तो उदास भाव से सर झुका कर धीरे से कहते हैं, बछड़ा हुआ है... जबतक दूध निकालने के लिए उनकी जरूरत…

भारतीय संस्कृति में बहुचर्चित “लक्ष्मण रेखा”के मायने व अर्थ !

*डॉ ब्रह्मदेव राम तिवारी लक्ष्मण रेखा आप सभी के संज्ञान में होगी परन्तु इसका मूल नाम शायद पता नहीं होगा। लक्ष्मण रेखा का मूल नाम सोमतिती विद्या है। यह भारत की प्राचीन विद्याओं में से एक है जिसका अन्तिम प्रयोग महाभारत के युद्ध में हुआ…

बद्रीनाथ धाम भारतीय संस्कृति और आध्यात्म का प्रेरणास्रोत है – उपराष्ट्रपति धनखड़

समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली, 27अक्टूबर। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ अपनी दो दिवसीय उतराखंड यात्रा के दूसरे दिन आज रुद्रप्रयाग पहुंचे जहां उन्होंने अपनी धर्मपत्नी डॉ.  सुदेश धनखड़ के साथ बाबा केदारनाथ के दर्शन किए।  धनखड़ ने केदारनाथ धाम में…

मोदीजी भारतीय संस्कृति के प्राचीन तीर्थ स्थलों का पुनरुत्थान करने और श्रद्धालुओं को सुविधाएँ देने के…

समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली, 14जुलाई। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट द्वारा 2798 करोड़ रूपए से तारंगा हिल-अंबाजी-आबू रोड नई रेल परियोजना को स्वीकृति देने पर प्रधानमंत्री जी…

विश्व पर्यावरण दिवस-  भारतीय संस्कृति में पर्यावरण चेतना

पार्थसारथि थपलियाल भारत विश्व का एक विलक्षण देश है जिसने क्रिया की प्रतिक्रिया को जीवन का आधार नही बनाया बल्कि जीवन जीने का समष्टि भाव जिसे सर्वांगीण पहल (Holistic approach) कहें, उसे जीवन का अंग बनाया। मानव का जीवन आधार धरती है।…

माँ की सूरत में मिले भगवान

पार्थसारथि थपलियाल "माँ" एक ऐसा शब्द है, जो केवल नारी का ही सम्मान नही बढ़ाता है बल्कि भारतीय संस्कृति में इसी शब्द ने धरती का भी गौरव बढ़ाया है। वेद की ऋचा कहती है- "माता भूमि पुत्रोहम पृथिव्या"। जो ममता की मूरत और दया का सागर है, जो…

सेवा भाव के कारण ही भारतीय संस्कृति जिंदा है- मोहन भागवत

समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली, 22 नवंबर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉक्टर मोहन भागवत ने कहा कि विश्व की कई सभ्यताएं आई और समाप्त हो गई लेकिन भारतीय सभ्यता इसलिए विश्व गुरु बनने को ओर है क्योंकि वह सबको साथ लेकर आगे बढ़ने में…