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  • ‘राजनीतिक दलों को चुनावी घोषणापत्र में वादे करने का अधिकार’: CEC राजीव कुमार

    ‘राजनीतिक दलों को चुनावी घोषणापत्र में वादे करने का अधिकार’: CEC राजीव कुमार

    समग्र समाचार सेवा
    नई दिल्ली, 24फरवरी। लोकसभा चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग तैयारियों में जुटा हुआ है. मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) राजीव कुमार अलग-अलग राज्य का दौरा कर चुनावी तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं. शनिवार को उन्होंने चेन्नई में पीसी कर चुनाव से जुड़ी अहम जानकारी दी.

    मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि राजनीतिक दलों को अपने चुनावी घोषणापत्र में वादे करने का अधिकार है. वहीं, मतदाताओं को राजनीतिक दलों द्वारा किये गये वादों के पूरा होने के बारे में जानने का अधिकार है. निर्वाचन आयोग ने पार्टियों के वादों पर खुलासा करने के लिए प्रपत्र तैयार किया है, मामला विचाराधीन है. उन्होंने कहा कि मतदाताओं को यह जानने का अधिकार है कि क्या ये वादे वास्तविक हैं और इन कार्यक्रमों को कैसे वित्त पोषित किया जा सकता है.

    मुख्य चुनाव आयुक्त ने क्या कहा?
    राजीव कुमार ने आगे कहा कि कानून लागू करने वाली एजेंसियों को सतर्क रहने, नकदी, उपहारों के वितरण को रोकने का निर्देश दिया गया है. हमारे पास कुछ बूथों का प्रबंधन PwD कर्मचारियों, महिलाओं और युवाओं द्वारा किया जाएगा. ये उन्हें सशक्त बनाना है. ये उनकी क्षमताओं और सशक्तिकरण का प्रदर्शन है. सभी मतदान केंद्रों पर पेयजल, बिजली, शौचालय, रैंप और व्हीलचेयर जैसी न्यूनतम सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी.

    ‘स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव हों’
    प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि आयोग बेहद दृढ़ है और सभी कलेक्टरों, सभी प्रवर्तन एजेंसियों को इस बारे में बताया गया है कि हम प्रलोभन मुक्त चुनाव चाहते हैं. स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव हों. प्रलोभन मुक्त से हमारा मतलब है कि चुनाव में धन का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

    ‘फर्जी खबर’ पर एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि आज फर्जी खबरें चल रही हैं जैसा कि आपने बताया कि चुनाव की तारीखों की घोषणा हो गई है. हालांकि, ये खबरें सच नहीं हैं.

    राज्य में लोकसभा क्षेत्रों की समीक्षा के लिए चुनाव आयोग की एक टीम तमिलनाडु में है. केरल और कर्नाटक के लोकसभा क्षेत्रों की भी समीक्षा की गई है. तमिलनाडु में कुल 39 निर्वाचन क्षेत्र हैं. केरल और कर्नाटक में क्रमशः 20 और 28 लोकसभा सीटें हैं. राजीव कुमार ने कहा कि हम राज्य की महिला मतदाताओं से अपील करते हैं कि जब वे मतदान के लिए आएं तो पुरुष मतदाताओं से भी आगे निकल जाएं.

  • राजनीतिक दलों को अखबार में स्पष्टीकरण देना होगा”- CEC राजीव कुमार

    राजनीतिक दलों को अखबार में स्पष्टीकरण देना होगा”- CEC राजीव कुमार

    समग्र समाचार सेवा
    जयपुर, 2अक्टूबर। राजस्थान में विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस चुनाव में चुनाव आयोग राजस्थान में पहली बार वोटर्स को घर से वोट डालने की सुविधा भी देगा। इसके साथ ही राजनीति में अपराधियों के प्रवेश को रोकने के लिए एक नया कदम उठाया गया है, इसके तहत राजनीतिक दलों को अखबार में स्पष्टीकरण देना होगा कि उन्होंने क्रिमिनल बैकग्राउंड वाले व्यक्ति को टिकट क्यों दिया?

    मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राजस्थान में पहली बार वोट फॉर होम की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। 80 साल से ऊपर के बुजुर्ग और 40% से ज्यादा दिव्यांगता वाले व्यक्तियों के लिए यह सुविधा उपलब्ध होगी।

    चुनाव आयोग के मुताबिक राजस्थान में 80 साल से ऊपर के 11.8 लाख मतदाता हैं। वहीं 100 साल से ऊपर के भी 18,462 मतदाता हैं। चुनाव का नोटिफिकेशन जारी होने के बाद 5 दिन के अंदर अंदर वोट फॉर होम की सुविधा पाने वाले मतदाताओं को फॉर्म भरना होगा। इसके बाद चुनाव आयोग उनके घर से ही वोट डालने की व्यवस्था करेगा।

    आयोग के मुताबिक इस विधानसभा चुनाव में 50 प्रतिशत पोलिंग बूथ से लाइव वेबकास्टिंग होगी, ताकि गड़बड़ियों को रोका जा सके। इसके साथ ही 1600 बूथ ऐसे होंगे, जिन्हें यूथ संभालेंगे। इसमें महिलाएं भी शामिल होंगी।

    मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा- चुनाव आयोग राजस्थान में निष्पक्ष चुनाव कराएगा। राजस्थान में 5.25 करोड़ मतदाता है। इसमें 2.73 करोड़ पुरुष मतदाता, 2.51 करोड़ महिला मतदाता हैं। 604 ट्रांसजेंडर है। 5.61 लाख दिव्यांग है।

    मोबाइल ऐप से जान सकेंगे उम्मीदवार का क्रिमिनल बैकग्राउंड
    आयोग के मुताबिक कोई मतदाता यह जानना चाहता है कि किसी कैंडिडेट का क्रिमिनल बैकग्राउंड है या नहीं। इसके लिए ‘नो योर कैंडिडेट’ एप्लिकेशन है। इसमें कैंडिडेट का पूरा एफिडेविट अपलोड होगा।

    इसके साथ ही क्रिमिनल बैकग्राउंड के प्रत्याशी को तीन दैनिक अखबारों में अपनी जानकारी देनी होगी। वहीं, राजनीतिक पार्टियों को भी बताना होगा कि उन्होंने क्रिमिनल बैकग्राउंड के प्रत्याशी को टिकट क्यों दिया? क्या उस विधानसभा में उनके अलावा कोई प्रत्याशी नहीं था। इसके लिए उन्हें अखबार में स्पष्टीकरण देना होगा।