सार्वजनिक जीवन के वैचारिक बौने लोग
[caption id="attachment_60686" align="alignleft" width="137"] पार्थसारथि थपलियाल[/caption] पार्थसारथि थपलियाल भारत में मर्यादाओं की रक्षा समाज स्वयं करता आया है। लोक संस्कार, लोक व्यवहार, लोक अभिव्यक्ति और प्रदर्शन को लोक-मर्यादा और लोक-लाज...
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