हर इंसान एक मुखौटा, एक खामोश चेहरा!
[caption id="attachment_133930" align="alignleft" width="115"] संजय स्वतंत्र[/caption] *संजय स्वतंत्र मनुष्यों में अब पहले जैसी सादगी, सच्चाई और ईमानदारी नहीं दिखती। नैतिक मूल्य तो दूर की बात है। हम सब ने इन...
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