शिक्षक : बदलते समय में बदलते अर्थ
डॉ. विनय कुमार वर्मा मनुष्य जब इस पृथ्वी पर आया, तब उसके पास न विद्यालय थे, न विश्वविद्यालय, न पाठ्यपुस्तकें और न ही डिग्रियाँ। फिर भी वह सीखता था। प्रकृति...
Read More
डॉ. विनय कुमार वर्मा मनुष्य जब इस पृथ्वी पर आया, तब उसके पास न विद्यालय थे, न विश्वविद्यालय, न पाठ्यपुस्तकें और न ही डिग्रियाँ। फिर भी वह सीखता था। प्रकृति...
Read More