व्यंग-विनोद: द्वारपाल का सपना
[caption id="" align="alignleft" width="155"] पार्थसारथि थपलियाल[/caption] यमराज- द्वारपाल! कुबेर को शक हो गया है कि उनके राजस्व में कमी आ गई है। अश्वनी कुमारों ने कुबेर...
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[caption id="" align="alignleft" width="155"] पार्थसारथि थपलियाल[/caption] यमराज- द्वारपाल! कुबेर को शक हो गया है कि उनके राजस्व में कमी आ गई है। अश्वनी कुमारों ने कुबेर...
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