चिंतन- माल-ए- मुफ्त दिले बेरहम
[caption id="attachment_60686" align="alignleft" width="141"] पार्थसारथि थपलियाल[/caption] पार्थसारथि थपलियाल पराई बारात में प्रीति भोज का आनंद लोग अप्रिय ढंग से करते हैं। प्लेट में भर भर कर जमा कर लेंगे, खा...
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