भारतीय परम्परा में बरखामासा- अरुण तिवारी
अरुण तिवारी । छब्बीस को परबा, 27 को दूज, 28 को तीज… अपनी अंगुलियों पर तिथि गिनते-गिनते दद्दा अपने छोटे बेटे पर अचानक ही बरस पड़े – ‘क्यों रे तीज...
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अरुण तिवारी । छब्बीस को परबा, 27 को दूज, 28 को तीज… अपनी अंगुलियों पर तिथि गिनते-गिनते दद्दा अपने छोटे बेटे पर अचानक ही बरस पड़े – ‘क्यों रे तीज...
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