राष्ट्रप्रथम- दर्पण झूठ नही बोलता
[caption id="attachment_60686" align="alignleft" width="130"] पार्थसारथि थपलियाल[/caption] पार्थसारथि थपलियाल लोकतंत्र में तंत्र आम अवधारणा के अनुसार शासन जनता का है, लेकिन जब लोकतंत्र लूटतंत्र बन जाय तो लोकतंत्र बेईमानी बन जाता...
Read More