मोदी बहुत आगे की सोच रहे हैं
[caption id="attachment_125247" align="alignleft" width="109"] त्रिदीब रमण[/caption] ’यह मेरा हुनर है जो जादू दिखाता हूं मैं, तेरे सपनों की ताबीज बनाता हूं मैं; मेरे हर खेल के शहमात पर तुम ही...
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[caption id="attachment_125247" align="alignleft" width="109"] त्रिदीब रमण[/caption] ’यह मेरा हुनर है जो जादू दिखाता हूं मैं, तेरे सपनों की ताबीज बनाता हूं मैं; मेरे हर खेल के शहमात पर तुम ही...
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सियासत को तो यूं भी पंख फैला कर उड़ने की आदत होती है, ऐसे में जब बात हवाई अड्डों की हो तो सियासतदां भी आसमां से चुगली करने लग जाते...
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[caption id="attachment_109260" align="alignleft" width="104"] त्रिदीब रमण[/caption] ’क्या यह मौसम बदलने की आहट है मेरे सिर पर धूप व हाथों में छतरी है’ पटना में इस 23 जून को जब विपक्षी...
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[caption id="attachment_103529" align="alignleft" width="91"] त्रिदीब रमण [/caption] ’नाहक गुमान था इस कागज़ की कश्ती को अपने आप पर इक-इक आंसू से भी समंदर में सैलाब आ जाता है’ जीतना जिनकी आदतों...
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[caption id="attachment_96071" align="alignleft" width="112"] त्रिदीब रमण[/caption] ’जिस्म की गली में गोया वह मकान खंडहर ही रहा अपनी रूह के रेशों से जिसका चेहरा बुना था हमने’ अपने अवतरण काल से...
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[caption id="attachment_96071" align="alignleft" width="101"] त्रिदीब रमण[/caption] ’कलम अगर खामोश हो तो, आतुर शब्दों की बेबसी समझिए शब्द अब बिकते कहां हैं, खरीदे भी नहीं जाते; यूं ही मुरझा जाते...
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[caption id="attachment_76032" align="alignleft" width="94"] त्रिदीब रमण[/caption] ’आग से खेलने की तेरी हसरत से कौन नहीं वाकिफ था यही वजह थी तुम जिधर चले समंदर तेरे साथ चला’ 2024 के लोकसभा...
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खड़गे की असली चुनौती राहुल वफादारों से पार पाना है
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