हे गाँधी,हे सरदार,हे राजेन्द्रबाबु,हे बाबासाहेब, अपने आज़ाद देश भारत में ये क्या हो रहा है? हे राम !
हे ईश्वर ,अपने देश भारत को क्या हो गया है? अपने स्वार्थ के लिए देश के बलिदानियों का सहारा लिया जा रहा है.ऐसा क्यों? कहाँ बलिदानी भगत सिंह ,कहाँ भ्रष्टाचार...
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