किसानों ने समझा दिया आंदोलन का असली मतलब
[caption id="attachment_50798" align="alignleft" width="101"] त्रिदीब रमण[/caption] ’दहकता सूरज हूं छोड़ के अपने छांव जा रहा हूं तुझे बस इतना बता के अपने गांव जा रहा हूं’ साल भर से लंबे...
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[caption id="attachment_50798" align="alignleft" width="101"] त्रिदीब रमण[/caption] ’दहकता सूरज हूं छोड़ के अपने छांव जा रहा हूं तुझे बस इतना बता के अपने गांव जा रहा हूं’ साल भर से लंबे...
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समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली, 1 दिसंबर। एकीकृत बागवानी विकास मिशन (एमआईडीएच) की सामान्य परिषद की बैठक केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में...
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समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली, 26 नवंबर। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज किसानों को उनके आंदोलन की सफलता पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि उनकी जीत लोकतंत्र की...
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समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली, 24नवंबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्र के नाम संबोधन में तीन कृषि कानून की वापसी की घोषणा कर चुके हैं। आज होने वाली केंद्रीय कैबिनेट की...
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समग्र समाचार सेवा पटना, 20 नवंबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में तीनों कृषि कानून वापस लेने की घोषणा की। ये आंदोलनरत किसानो की संघर्ष और त्याग...
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[caption id="attachment_46079" align="alignleft" width="166"] राकेश शर्मा[/caption] राकेश शर्मा तमाम विरोधों, अवरोधों और गतिरोधों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह साबित कर दिया कि वे ही किसानों के असली हितैषी...
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समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली, 19नवंबर। पीएम मोदी ने कृषि कानूनों को वापस लेने की बड़ी घोषणा कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से तीन दिवसीय उत्तर प्रदेश की...
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समग्र समाचार सेवा चंडीगढ़, 17 नवंबर। पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने किसानों के साथ बैठक करने के बाद प्रैस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए बताया गया कि किसानों...
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समग्र समाचार सेवा रोहतक, 5नवंबर। हरियाणा के रोहतक के किलोई गांव में पूजा करने पहुंचे भारतीय जनता पार्टी के उपाध्यक्ष और पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर समेत बीजेपी नेताओं को किसानों...
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समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली, 31अक्टूबर।उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडु ने देश की प्रगति में ग्रामीण अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए आज कहा कि इसका किसानों की भलाई के साथ अटूट संबंध है। https://twitter.com/VPSecretariat/status/1454424602294190080?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1454424602294190080%7Ctwgr%5E%7Ctwcon%5Es1_&ref_url=https%3A%2F%2Fpib.gov.in%2FPressReleasePage.aspx%3FPRID%3D1768022 महामारी के दौरान अन्य अग्रिम पंक्ति के सिपाहियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहने और देश में खाद्यान्नों का रिकॉर्ड उत्पादन सुनिश्चित करने के लिए किसानों की प्रशंसा करते हुए, उन्होंने कहा कि उनके द्वारा की गई निस्वार्थ सेवा अविस्मरणीय है। https://twitter.com/VPSecretariat/status/1454413116352040967?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1454413116352040967%7Ctwgr%5E%7Ctwcon%5Es1_&ref_url=https%3A%2F%2Fpib.gov.in%2FPressReleasePage.aspx%3FPRID%3D1768022 मुप्पावरापु फाउंडेशन और रायतु नेस्तम द्वारा विजयवाड़ा स्थित स्वर्ण भारत ट्रस्ट में आयोजित एक समारोह में किसानों, विस्तार अधिकारियों और पत्रकारों को कृषि के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए पुरस्कार प्रदान करते हुए उन्होंने कहा कि मेधावी लोगों को पहचानना और उन्हें पुरस्कृत करना भारतीय संस्कृति का हिस्सा है। इससे न सिर्फ पुरस्कार प्राप्त करने वालों का उत्साह बढ़ता है बल्कि दूसरों को भी प्रेरणा मिलती है। कृषि को एक ’यज्ञ बताते हुए, उन्होंने भारतीय किसानों की आधुनिक विधियों को अपनाने की कोशिश करने और लाखों लोगों का पेट भरने उनकी उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए सराहना की। श्री नायडु ने कृषक समुदाय से पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया। इस संबंध में उन्होंने प्रत्येक किसान को वृक्षारोपण और जल संरक्षण को महत्व देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब विज्ञान और प्रौद्योगिकी जरिए से विश्व की प्रगति हो रही है, कृषि पीछे नहीं रह सकती है। लिहाजा, इसे आधुनिक वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाना होगा। कृषि को लाभदायक बनाना सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। किसानों को आधुनिकीकरण का लाभ उठाने में सक्षम बनाने के लिए प्रत्येक हितधारक को आगे आना चाहिए। उपराष्ट्रपति ने शिक्षित युवाओं से भी कृषि में रुचि विकसित करने और किसानों को तकनीकी सहायता प्रदान करने का आग्रह किया। उन्होंने निजी क्षेत्र से भी आगे आने और कृषि के आधुनिकीकरण में निवेश करने की अपील की। कृषि के आधुनिकीकरण पर व्यापक परिचर्चा की आवश्यकता पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि इस मामले में वैज्ञानिकों, नीति निर्माताओं और मीडिया को पहल करनी चाहिए। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने कृषि से संबंधित पुस्तकों का भी विमोचन किया। इससे पहले, उन्होंने आधुनिक कृषि उपकरणों की एक प्रदर्शनी का निरीक्षण किया। उपराष्ट्रपति ने पिछले 17 वर्षों से किसानों को शिक्षित करने के लिए रायतु नेस्तम मासिक पत्रिका निकालने एवं पुरस्कार स्थापित करने के लिए श्री यदलपति वेंकटेश्वर राव की सराहना भी की।
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