कल्पना के उमड़ते घुमड़ते बादल
[caption id="attachment_60686" align="alignleft" width="141"] पार्थसारथि थपलियाल[/caption] पार्थसारथि थपलियाल आज मुझे अपनी लिखी जा रही सीरीज को आगे बढ़ाना था लेकिन मौसम ने अंगड़ाई ली, तन्हाई ने पंख दिए आसमान में...
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