भारत 2047 का लक्ष्य: विनिर्माण, कौशल, निवेश और प्रौद्योगिकी
पीयूष गोयल ने भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए 4 मुख्य आयाम बताए—विनिर्माण, कौशल, निवेश और प्रौद्योगिकी। सरकार व्यापार सुगमता बढ़ाने, पुराने कानूनों को खत्म करने और...
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पीयूष गोयल ने भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए 4 मुख्य आयाम बताए—विनिर्माण, कौशल, निवेश और प्रौद्योगिकी। सरकार व्यापार सुगमता बढ़ाने, पुराने कानूनों को खत्म करने और...
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समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली, 1 जुलाई: भारत सरकार ने देश में रोजगार के अवसर बढ़ाने और आर्थिक विकास को गति देने के लिए एक महत्वाकांक्षी ELI (Employment Linked Incentive)...
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समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली, 24 मई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी में भारत मंडपम में नीतिआयोग की महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करेंगे। यह बैठक भारतीय सशस्त्र...
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समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली,11 जनवरी। प्रधानमंत्री नरेंन्द्र मोदी ने के वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन की झलकियां साझा की हैं। प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया है: "आज के वाइब्रेंट...
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समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली, 25 नवंबर।उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने आज चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को एमआरआई और सीटी स्कैन के आर्थिक स्वरूप में वर्णित किया। उपराष्ट्रपति धनखड़ ने रेखांकित किया कि...
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समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली, 5अक्टूबर। उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी), वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय और गतिशक्ति विश्वविद्यालय (जीएसवी) ने भारत में अवसंरचना और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों को आगे...
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पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने मिशन लाइफ पर बल देने के साथ 5 जून 2023 को विश्व पर्यावरण दिवस का आयोजन किया।
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि वंदे भारत एक्सप्रेस गर्व, आराम और कनेक्टिविटी का पर्याय है।
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वाणिज्य और उद्योग, उपभोक्ता कार्य, खाद्य और सार्वजनिक वितरण तथा कपड़ा मंत्री पीयूष गोयल ने आज दुनिया भर में फैले भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स से कहा कि वे ब्रांड इंडिया के...
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समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली, 31अक्टूबर।उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडु ने देश की प्रगति में ग्रामीण अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए आज कहा कि इसका किसानों की भलाई के साथ अटूट संबंध है। https://twitter.com/VPSecretariat/status/1454424602294190080?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1454424602294190080%7Ctwgr%5E%7Ctwcon%5Es1_&ref_url=https%3A%2F%2Fpib.gov.in%2FPressReleasePage.aspx%3FPRID%3D1768022 महामारी के दौरान अन्य अग्रिम पंक्ति के सिपाहियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहने और देश में खाद्यान्नों का रिकॉर्ड उत्पादन सुनिश्चित करने के लिए किसानों की प्रशंसा करते हुए, उन्होंने कहा कि उनके द्वारा की गई निस्वार्थ सेवा अविस्मरणीय है। https://twitter.com/VPSecretariat/status/1454413116352040967?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1454413116352040967%7Ctwgr%5E%7Ctwcon%5Es1_&ref_url=https%3A%2F%2Fpib.gov.in%2FPressReleasePage.aspx%3FPRID%3D1768022 मुप्पावरापु फाउंडेशन और रायतु नेस्तम द्वारा विजयवाड़ा स्थित स्वर्ण भारत ट्रस्ट में आयोजित एक समारोह में किसानों, विस्तार अधिकारियों और पत्रकारों को कृषि के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए पुरस्कार प्रदान करते हुए उन्होंने कहा कि मेधावी लोगों को पहचानना और उन्हें पुरस्कृत करना भारतीय संस्कृति का हिस्सा है। इससे न सिर्फ पुरस्कार प्राप्त करने वालों का उत्साह बढ़ता है बल्कि दूसरों को भी प्रेरणा मिलती है। कृषि को एक ’यज्ञ बताते हुए, उन्होंने भारतीय किसानों की आधुनिक विधियों को अपनाने की कोशिश करने और लाखों लोगों का पेट भरने उनकी उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए सराहना की। श्री नायडु ने कृषक समुदाय से पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया। इस संबंध में उन्होंने प्रत्येक किसान को वृक्षारोपण और जल संरक्षण को महत्व देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब विज्ञान और प्रौद्योगिकी जरिए से विश्व की प्रगति हो रही है, कृषि पीछे नहीं रह सकती है। लिहाजा, इसे आधुनिक वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाना होगा। कृषि को लाभदायक बनाना सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। किसानों को आधुनिकीकरण का लाभ उठाने में सक्षम बनाने के लिए प्रत्येक हितधारक को आगे आना चाहिए। उपराष्ट्रपति ने शिक्षित युवाओं से भी कृषि में रुचि विकसित करने और किसानों को तकनीकी सहायता प्रदान करने का आग्रह किया। उन्होंने निजी क्षेत्र से भी आगे आने और कृषि के आधुनिकीकरण में निवेश करने की अपील की। कृषि के आधुनिकीकरण पर व्यापक परिचर्चा की आवश्यकता पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि इस मामले में वैज्ञानिकों, नीति निर्माताओं और मीडिया को पहल करनी चाहिए। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने कृषि से संबंधित पुस्तकों का भी विमोचन किया। इससे पहले, उन्होंने आधुनिक कृषि उपकरणों की एक प्रदर्शनी का निरीक्षण किया। उपराष्ट्रपति ने पिछले 17 वर्षों से किसानों को शिक्षित करने के लिए रायतु नेस्तम मासिक पत्रिका निकालने एवं पुरस्कार स्थापित करने के लिए श्री यदलपति वेंकटेश्वर राव की सराहना भी की।
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