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Delhi Police

दिल्ली में सुरक्षा चाक-चौबंद: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद बढ़ी चौकसी, संभावित उपद्रवियों पर पैनी नजर

समग्र समाचार सेवा

नई दिल्ली, मई 7 2025: बीती रात भारत ने सीमापार आतंक के विरुद्ध जो ऐतिहासिक सर्जिकल प्रहार किया, उसने केवल पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के आतंकी ढांचों को ही नहीं, बल्कि देश के भीतर छिपे उन चेहरों को भी सिहरन में डाल दिया है जो भीतरघात की ताक में रहते हैं। इस पूरे घटनाक्रम का नाम है ‘ऑपरेशन सिंदूर’।

जब देश की जनता सुबह नींद से जागी, तो राष्ट्रवाद के साथ चिंता भी जाग उठी। दिल्ली समेत देश के विभिन्न हिस्सों में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर तक कड़ा कर दिया गया है। राष्ट्रीय राजधानी के संवेदनशील इलाकों में दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त जवान, अर्धसैनिक बल, और विशेष निगरानी टीमों को तैनात कर दिया गया है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “दिल्ली पहले से ही हाई अलर्ट पर है और बुधवार को शाम चार बजे कई एजेंसियां एक साथ मॉक ड्रिल करेंगी।” यह अभ्यास न केवल सुरक्षा का परीक्षण होगा, बल्कि आम नागरिकों में जागरूकता का संचार भी करेगा।
इस दौरान विशेष रूप से सोशल मीडिया पर भी नजर रखी जा रही है, ताकि अफवाहों के ज़रिए देश की एकता को नुकसान पहुंचाने की किसी भी कोशिश को समय रहते निष्फल किया जा सके।

अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि राजधानी में ऐसे तत्व सक्रिय हो सकते हैं जो पाकिस्तान समर्थक मानसिकता के साथ भारत में दंगे फैलाने की ताक में रहते हैं। ऐसे कथित ‘प्रेमियों’ पर न केवल निगरानी रखी जा रही है, बल्कि आवश्यकतानुसार कार्रवाई के आदेश भी जारी किए गए हैं।

इसी बीच यह भी स्पष्ट किया गया कि ऑपरेशन सिंदूर में जिन नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया, उनका भारत के विरुद्ध गतिविधियों में ऐतिहासिक संलिप्तता रही है। इन ठिकानों की पहचान भारत की खुफिया एजेंसियों ने लंबे विश्लेषण और साक्ष्यों के आधार पर की थी।
पुलिस और अर्धसैनिक बलों की संयुक्त टीमें उन सभी इलाकों में सतर्कता से तैनात हैं जहां से किसी प्रकार के उपद्रव की आशंका जताई गई है। “लोगों को डरने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्क रहना जरूरी है,”— यह संदेश हर गली और चौराहे पर दिख रहा है।

जैसे-जैसे शाम ढल रही है, देश एक नए प्रकार के युद्ध के लिए तैयार हो रही है, एक ऐसा युद्ध जो हथियारों के साथ-साथ जागरूकता, एकता और अनुशासन से लड़ा जाएगा।

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