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अब इंजीनियरों का भी होगा रजिस्ट्रेशन, केंद्र सरकार लाएगी नया बिल – जानिए क्यों?

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली,3 अप्रैल।
डॉक्टरों और वकीलों की तरह अब इंजीनियरों का भी एक आधिकारिक रजिस्ट्रेशन होगा। केंद्र सरकार जल्द ही एक नया इंजीनियरिंग रजिस्ट्रेशन बिल लाने की तैयारी में है, जिसके तहत इंजीनियरों के लिए एक अनिवार्य रजिस्ट्रेशन सिस्टम लागू किया जाएगा। इस कदम का मकसद इंजीनियरिंग क्षेत्र में प्रोफेशनलिज्म को बढ़ावा देना और गुणवत्ता को सुनिश्चित करना है।

भारत में मेडिकल और लॉ प्रोफेशन के लिए मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया और बार काउंसिल ऑफ इंडिया जैसी संस्थाएं पहले से ही मौजूद हैं, जो डॉक्टरों और वकीलों के रजिस्ट्रेशन को नियंत्रित करती हैं। लेकिन इंजीनियरिंग क्षेत्र में अभी तक ऐसा कोई अनिवार्य पंजीकरण सिस्टम नहीं था।

इस नए कानून के तहत:
इंजीनियरों को एक प्रोफेशनल लाइसेंस लेना होगा
एक सेंट्रल अथॉरिटी इंजीनियरों की योग्यता और प्रमाणपत्रों की निगरानी करेगी
गैर-प्रमाणित इंजीनियरिंग प्रैक्टिस पर रोक लगेगी
इंजीनियरिंग की गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी

भारत में हर साल लाखों छात्र इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करते हैं, लेकिन क्वालिटी और स्किल्स को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। आईआईटी, एनआईटी जैसे शीर्ष संस्थानों के अलावा कई प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेजों पर निम्न स्तर की शिक्षा देने का आरोप भी लगता रहा है।

 कई प्रोजेक्ट्स में खराब इंजीनियरिंग के चलते ढांचागत खामियां पाई गई हैं।
 गैर-प्रशिक्षित इंजीनियरिंग प्रैक्टिस से कई इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट असफल हुए हैं।
 अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार, इंजीनियरों का पंजीकरण जरूरी माना जाता है।

अगर यह बिल लागू हो जाता है, तो इंजीनियरिंग पेशे को एक वैधानिक दर्जा मिलेगा। इससे न सिर्फ योग्य इंजीनियरों को मान्यता मिलेगी, बल्कि अयोग्य और फर्जी डिग्रीधारी लोगों पर भी लगाम लगेगी। इससे:
 भारत में इंजीनियरिंग सेक्टर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।
 गुणवत्ता आधारित भर्ती और नियुक्तियों को बढ़ावा मिलेगा।
 ठेकेदारी और सरकारी प्रोजेक्ट्स में गैर-पंजीकृत इंजीनियरों की एंट्री पर रोक लगेगी।

इंजीनियरिंग समुदाय इस कदम का स्वागत कर रहा है, लेकिन कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि इस कानून को प्रभावी बनाने के लिए सरकार को एक स्वतंत्र और पारदर्शी बॉडी बनानी होगी, जो किसी भी तरह के पक्षपात से मुक्त हो।

अब सभी की नजरें केंद्र सरकार पर हैं कि वह इस बिल को संसद में कब पेश करती है। अगर यह कानून लागू होता है, तो यह इंजीनियरिंग प्रोफेशन के लिए ऐतिहासिक बदलाव साबित हो सकता है। क्या यह डॉक्टरों और वकीलों की तरह इंजीनियरों के करियर को नई पहचान देगा? इसका जवाब जल्द ही मिलेगा!

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