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भारत वैश्विक रक्षा उद्योग को प्रतिस्पर्धी मूल्य पर जमीन, कुशल मानव पूंजी, जीवंत स्टार्ट-अप की इको-प्रणाली और विशाल रक्षा बाजार के लाभ की पेशकश करता हैः रक्षा मंत्री

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 14फरवरी।रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने 14 फरवरी, 2023 को एयरो इंडिया-2023 के दौरान मूल उपकरण निर्माता (ओईएम) कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों से मुलाकात की। बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि भारत वैशविक रक्षा उद्योग को प्रतिस्पर्धी मूल्य पर जमीन, कुशल मानव पूंजी, जीवंत स्टार्ट-अप की इको-प्रणाली और विशाल रक्षा बाजार के लाभ की पेशकश करता है। उन्होंने इसे हर तरह से लाभ की स्थिति बताया, जहां दुनिया भर की रक्षा विनिर्माण कंपनियां भारत की विकास-यात्रा में सहयात्री बन सकती हैं।

श्री राजनाथ सिंह ने भारत के लिये रक्षा सेक्टर के महत्त्व को रेखांकित करते हुये कहा, “रक्षा उत्पादन से महत्त्वपूर्ण सेक्टर में आत्मनिर्भर बनने और हमारे लोगों के लिये रोजगार सृजन के दो लक्ष्यों की पूर्ति होती है।” उन्होंने रक्षा औद्योगिक गलियारों में निवेश, विदेशी प्रत्यक्ष निवेश को प्रोत्साहित करने के लिये केंद्र सरकार की नीतियों, हितधारकों की सुरक्षा के लिये मजबूत कानून प्रणाली और व्यापार सुगमता में सुधार के सम्बंध में उत्तरप्रदेश व तमिलनाडु राज्य सरकारों द्वारा दिये जाने वाले प्रोत्साहन का भी उल्लेख किया।

श्री राजनाथ सिंह ने कहा, “आपूर्ति श्रृंखला के सह-विकास, सह-उत्पादन, एकीकरण और उसे मजबूत बनाने, संयुक्त उपक्रमों की प्रतिष्ठापना, पूरे विश्व के लिये भारत में निर्माण करने के लिये यहां अनेक अवसर मौजूद हैं।” मुख्य कार्यकारी अधिकारियों ने भारतीय रक्षा विनिर्माण में वैश्विक निवेश की सुविधा सम्बंधी सुझाव दिये। रक्षा मंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि भारत सरकार निजी उद्योग के लिये नियामक बाधाओं को दूर करने के पूरे प्रयास करेगी।

जनरल एटॉमिक्स, सफ्रान, बोइंग, एम्ब्रेसर और राफेल उन्नत रक्षा प्रणाली के सीईओ तथा वरिष्ठ प्रबंधकों ने बातचीत में हिस्सा लिया। रक्षा सचिव श्री गिरिधर अरमाने, महानिदेशक (अधिग्रहण) श्री पंकज अग्रवाल, अपर सचिव रक्षा उत्पादन श्री टी. नटराजन तथा मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

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