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The Delhi government has taken a big decision in view of the growing Corona cases in the country's capital Delhi. Expressing concern, Delhi Chief Minister Arvind Kejriwal said that lockdown is not a solution but it is extremely important to take precautions. He said that the corona virus situation in Delhi is very serious and the fourth wave of the virus is more dangerous than November 2020.

कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला, डोर-टू-डोर होगा टीकाकरण

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 11अप्रैल।

देश की राजधानी दिल्ली में बढ़ते कोरोना मामलों को देखते हुए दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि लॉकडाउन इसका कोई समाधान नहीं है लेकिन इसके सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में कोरोना वायरस संबंधी स्थिति बहुत गंभीर है और वायरस की चौथी लहर नवंबर 2020 से कहीं अधिक खतरनाक है।
रविवार को दिल्ली में कोरोना के 10 हजार से ज्यादा नए केस दर्ज किये गए है जो कि बेहद चौकाने वाले है।

सीएम ने कहा कि कोरोना वायरस से लड़ने के लिए लॉकडाउन कोई समाधान नहीं है। हाां मगर अस्पताल में बेड फुल हो जाते है तो लॉकडाउन किया जा सकता है। केजरीवाल ने कहा कि मैं लोगों से अपील करता हूं कि बहुत जरूरी होने पर ही अपने घरों से बाहर निकलें।

दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थिति बहुत चिंताजनक है. ​मैं स्थिति पर नजर रखे हुए हूं और जो करने की जरूरत है हम वो सब कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हम लॉकडाउन नहीं लगाना चाहते हैं, लेकिन कल सरकार ने मजबूरी में कुछ पाबंदियों के आदेश दिए हैं। जैसे बसें अब 50% क्षमता के साथ चलेंगे मेट्रो में भी 50% क्षमता के साथ चलेंगे और बार और रेस्टोरेंट भी 50% क्षमता के साथ चलेंगे।

उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय राजधानी में रविवार को कोविड-19 के 10,732 नए मामले सामने आए हैं। कोरोना के 65% मरीज़ 45 साल से कम उम्र के हैं, फिर कोरोना रूकेगा कैसे? कोरोना का चक्र तब ही टूटेगा जब वैक्सीनेशन होगा। केंद्र सरकार ने बहुत पाबंदियां लगा रखी हैं मेरा केंद्र से निवेदन है कि वो पाबंदियां हटा दें।

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