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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गृह मंत्री अमित शाह पर लगाया “सच्चाई से परे” बयान देने का आरोप

समग्र समाचार सेवा

नई दिल्ली,18 दिसंबर। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने हाल ही में संसद में दिए गए गृह मंत्री अमित शाह के भाषण पर कड़ा प्रहार करते हुए उनके बयानों को “सच्चाई से परे” बताया। खड़गे ने शाह पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा में मंच का उपयोग करने और जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश करने का आरोप लगाया।

लोकसभा में ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ बिल के पेश होने पर खड़गे ने कहा कि इसके फायदे और नुकसान पर विस्तार से चर्चा होनी चाहिए। खड़गे ने कहा, “जब यह बिल चर्चा के लिए आएगा, तब इसके फायदों और नुकसान पर बात होगी। इसे सभी से मिलकर चर्चा के बाद तय किया जाएगा। सभी ने इसके परिचय के लिए सहमति दी है, हम संसद में इस पर बात करेंगे।”

खड़गे के बयान गृह मंत्री के उस भाषण के बाद आए जिसमें उन्होंने संविधान के 75 वर्षों पर चर्चा करते हुए कांग्रेस पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। शाह ने कहा कि कांग्रेस ने ‘एक परिवार’ को सशक्त बनाने के लिए संविधान में संशोधन किए, जबकि भारतीय जनता पार्टी ने नागरिकों को सशक्त करने के लिए संशोधन किए। अमित शाह ने दावा किया कि कांग्रेस ने अपने 55 वर्षों के शासन में संविधान में 77 बार संशोधन किया, जबकि भाजपा ने 16 वर्षों में 22 संशोधन किए।

अंबेडकर को लेकर भाजपा-कांग्रेस की तकरार
अमित शाह के भाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस ने गृह मंत्री पर संविधान और बीआर अंबेडकर के प्रति ‘घृणा’ प्रदर्शित करने का आरोप लगाया। कांग्रेस ने शाह से माफी मांगने की मांग की और भाजपा तथा आरएसएस नेताओं पर अंबेडकर के प्रति नकारात्मक रुख अपनाने का आरोप लगाया।

मल्लिकार्जुन खड़गे ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा, “गृह मंत्री द्वारा बाबासाहेब अंबेडकर का अपमान एक बार फिर साबित करता है कि भाजपा-आरएसएस तिरंगे के खिलाफ थे, उनके पूर्वज अशोक चक्र का विरोध करते थे और संघ परिवार के लोग संविधान की जगह मनुस्मृति लागू करना चाहते थे।”

खड़गे ने कहा, “बाबासाहेब डॉ. अंबेडकर जी ने ऐसा होने नहीं दिया, इसी वजह से उनके प्रति इतनी नफरत है। मोदी सरकार के मंत्रियों को समझना चाहिए कि मेरे जैसे करोड़ों लोगों के लिए बाबासाहेब अंबेडकर भगवान से कम नहीं हैं… वह दलितों, आदिवासियों, पिछड़े वर्गों, अल्पसंख्यकों और गरीबों के मसीहा थे और हमेशा रहेंगे।”

अमित शाह ने कांग्रेस पर अंबेडकर को लेकर अपने “सच्चे भाव” छिपाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “आजकल अंबेडकर, अंबेडकर, अंबेडकर कहना एक फैशन बन गया है। अगर उन्होंने भगवान का नाम इतनी बार लिया होता, तो स्वर्ग में जगह मिल जाती।”

शाह ने यह भी दावा किया कि अंबेडकर ने कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार की नीतियों से असहमति के कारण पहला कैबिनेट छोड़ दिया था, जिसमें अनुच्छेद 370 भी शामिल था।

 

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