समग्र समाचार सेवा
पटना, 24 सितंबर: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले विपक्षी दलों ने सत्ता पर निशाना साधना तेज कर दिया है। कांग्रेस की कार्यसमिति (CWC) की अहम बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्य में एनडीए सरकार की नीतियों की जमकर आलोचना की।
बेरोजगारी और युवा पलायन पर चिंता
बैठक में खड़गे ने कहा कि बिहार की बेरोजगारी दर 15% से ऊपर पहुंच चुकी है, और युवा रोजगार की तलाश में राज्य छोड़कर जा रहे हैं। उन्होंने राज्य में बढ़ते पलायन और युवाओं की समस्याओं को गंभीर बताया। इसके साथ ही उन्होंने विभिन्न भर्ती घोटालों का जिक्र करते हुए कहा कि इसका असर सीधे सड़कों पर आंदोलन और हड़ताल के रूप में दिखाई दे रहा है।
कृषि और उद्योग की स्थिति पर सवाल
कांग्रेस नेता ने कृषि क्षेत्र और उद्योगों की स्थिति पर भी सवाल उठाया। खड़गे ने कहा कि खेती पूरी तरह तबाह हो चुकी है, कई चीनी मिलें बंद हो गई हैं और किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में बाढ़ प्रबंधन पूरी तरह फेल हो चुका है, जिससे आम लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं।
भाजपा और नीतीश सरकार पर हमला
मल्लिकार्जुन खड़गे ने सीधे तौर पर नीतीश कुमार और भाजपा की गठबंधन सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि जनता को अपने अधिकार और रोजगार देने में सरकार पूरी तरह विफल रही है। खड़गे ने अपने भाषण में जोर देकर कहा कि इस बार बिहार की जनता बदलाव चाहती है और कांग्रेस इसके लिए पूरी तैयारी में है।
कांग्रेस की चुनावी रणनीति
बैठक में वरिष्ठ नेताओं ने आगामी चुनाव की रणनीति पर भी चर्चा की। कांग्रेस की योजना युवाओं, किसानों और बेरोजगारों तक अपना संदेश पहुंचाने की है। खड़गे ने कहा कि बिहार की जनता अब सत्ता की मौजूदा स्थिति से संतुष्ट नहीं है और बदलाव का बिगुल बजने वाला है।
बिहार में चुनाव की गर्मी तेज हो रही है और विपक्षी दल अपने संदेश को जोरदार तरीके से जनता तक पहुंचाने में जुटे हैं। मल्लिकार्जुन खड़गे का यह हमला एनडीए सरकार के लिए राजनीतिक चुनौती बन सकता है। चुनाव आयोग की तैयारियों के बीच अब हर राजनीतिक दल अपनी-अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में व्यस्त है।