We love to bring to life as a developer and I aim the today do this using whatever front end tools of the necessary.

Quick Contact:

Live News

We love to bring to life as a developer and I aim the today do this using whatever front end tools of the necessary.

Quick Contact:

Global Governance News- Asia's First Bilingual News portal for Global News and UpdatesBlogभारतकेंद्र सरकारभारत के अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग के 15वें वार्षिक दिवस समारोह में दिया मुख्य भाषण

भारत के अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग के 15वें वार्षिक दिवस समारोह में दिया मुख्य भाषण

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 21मई। भारत के अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने नई दिल्ली में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के 15वें वार्षिक दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में विशेष संबोधन दिया।

आर. वेंकटरमणी ने अपने संबोधन में बताया कि कैसे प्रतिस्पर्धा के विनियमन की आवश्यकता प्रतिस्पर्धा में अनुचित प्रथाओं की रोकथाम, मूल्य निर्धारण और उपभोक्ता कल्याण के क्षेत्रों में फैल गई है तथा निर्धारण कारक के रूप में सामान्य लोगों के कल्याण के युग में पहुंच गई है।

पॉल सैमुएलसन के इस कथन का उल्लेख करते हुए कि बाजार काम कर सकते हैं, लेकिन केवल सरकार द्वारा बनाए गए सुरक्षा उपायों के साथ, आर. वेंकटरमणी ने कहा कि ऐसे सुरक्षा उपायों में प्रतिस्पर्धा विनियमन सम्मिलित हैं। आर. वेंकटरमणी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि मुक्त बाजार के इंजन और विभिन्न सामाजिक लाभ के बीच सह-अस्तित्व के नए विचारों को गढ़ने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रोत्साहनों और बाजार के विचारों के स्वतंत्र उपयोग के बीच मार्गदर्शन का कार्य एक अलग कानूनी नवाचार होगा, जो अन्य नियामक विचारों से अलग होगा।

आर. वेंकटरमणी ने कुछ व्यापक पहलुओं पर बात की, जैसे प्रतिस्पर्धा कानूनों का अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उपयोग और वहां से शुरू होना; सामान्य रूप से नियामक कानूनों के लिए चुनौतियां; उपभोक्ताओं और आपूर्तिकर्ताओं तथा आपूर्तिकर्ताओं के बीच आर्थिक शक्ति के पुनर्वितरण का कार्य; नए-उभरते स्थिरता के विचार और प्रतिस्पर्धा नीति, क्योंकि स्थिरता का व्यवसाय व्यापार की स्थिरता को नियंत्रित करेगा।

आर. वेंकटरमणी ने डिजिटल बाजारों के संदर्भ में कहा कि चल रही बहस एक ओर पहले और बाद की कार्रवाई (जांच और प्रतिबंध) और गलत नकारात्मकता की संभावना बनाम पहले और पुरानी कार्रवाई (प्रतिबंध और निषेधात्मक नियम) और दूसरी ओर गलत सकारात्मकता की संभावना के बारे में है। बहस एक व्यापक विनियामक व्यवस्था तैयार करने की भी है, जिसमें शामिल गतिविधि की अनदेखी की जाती है, जबकि बाजार के लिए अधिक विशिष्ट विनियमन होते हैं। आर. वेंकटरमणी ने कहा कि इसमें सहायता के लिए, व्यवहार अर्थशास्त्र जैसे उपकरण उपयोगी हैं, जो मानवीय प्राथमिकताओं के बारे में जानकारी प्रदान करते हैं।

आर. वेंकटरमणी ने आगे उल्लेख किया कि हमारे प्रतिस्पर्धा कानून के मौजूदा ढांचे और सीखे गए और सीखे जाने वाले सबक को देखते हुए हमें अपनी बहसों को अपनी घरेलू सीमाओं से थोड़ा आगे ले जाना होगा और साथ ही अपने विशिष्ट राष्ट्रीय स्वरूप का अनुसरण करना होगा। जिस प्रकार मानवीय नवाचार गतिशील होते हैं, उसी प्रकार बाजार की गतिविधियां भी गतिशील होती हैं, लेकिन चुनौती प्रासंगिक सशक्तिकरण और संश्लेषणात्मक सिद्धांतों का एक स्थान तैयार करने की है।

आर. वेंकटरमणी ने प्रतिस्पर्धा विमर्श में गोपनीयता और डेटा के बढ़ते महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रतिस्पर्धा के परिप्रेक्ष्य से गोपनीयता की रूपरेखा स्थापित करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने सुझाव दिया कि यह आवश्यक है कि नियामक हमेशा समय के साथ चलता रहे। आर. वेंकटरमणी ने कहा कि भारतीय बाजार के अध्ययनों पर आधारित विस्तृत दिशा-निर्देश होने से बाजार के प्रतिनिधियों को संभावित निषिद्ध आचरण के बारे में उपयोगी संकेत मिलेंगे। उन्होंने कहा कि इससे अधिक निश्चितता को प्रोत्साहन मिलेगा, छोटे व्यवसायियों को सशक्त बनाया जा सकेगा और बड़ी कंपनियों को उन प्रथाओं के बारे में सावधान किया जा सकेगा जो प्रतिस्पर्धा के लिए हानिकारक हैं।

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग की अध्यक्ष रवनीत कौर ने अपने स्वागत भाषण में पिछले 15 वर्षों में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग की प्रवर्तन गतिविधियों की यात्रा पर विचार व्यक्त किए और उपभोक्ता हितों की रक्षा करने व व्यवसायों के बीच नवाचार और दक्षता को प्रोत्साहन देने के प्रयासों पर प्रकाश डाला, जिससे हमारे देश के समग्र आर्थिक कल्याण में योगदान मिला।

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग की अध्यक्ष ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने पारदर्शिता बढ़ाने, विनियामक प्रक्रियाओं में सुधार करने और अपने संचालन को हितधारकों के लिए अधिक सुलभ बनाने के लिए कई पहल की हैं। पिछले वर्ष, भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग नए प्रतिस्पर्धा संशोधन अधिनियम, 2023 के अंतर्गत विनियामक ढांचा तैयार करने में लगा हुआ था। उन्होंने कहा कि निपटान और प्रतिबद्धताओं की शुरुआत, विलय और अधिग्रहण को अधिसूचित करने के लिए सौदा मूल्य सीमा, क़ानून की किताब में हब और स्पोक कार्टेल का स्पष्ट परिचय और लेनेंसी प्लस की अभिनव अवधारणा, सभी आधुनिक बाजारों और व्यावसायिक प्रथाओं की जटिलताओं का समाधान करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।

रवनीत कौर ने कहा कि डिजिटल अर्थव्यवस्था नवाचार, विकास और उपभोक्ता लाभ के लिए अपार अवसर प्रदान करती है, लेकिन इसने दुनिया भर में पारंपरिक प्रतिस्पर्धा कानून के ढांचों को चुनौती दी है। इन चुनौतियों का समाधान करने के लिए विनियामक कुशलता, नए विश्लेषणात्मक उपकरणों के विकास और संभवतः, डिजिटल संदर्भ के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए नए विनियामक ढांचों की आवश्यकता है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि डिजिटल बाजार प्रतिस्पर्धी और निष्पक्ष बने रहें, हमें अपनी नीतियों, प्रवर्तन रणनीतियों और कानूनी ढांचों को डिजिटल युग की वास्तविकताओं के अनुकूल बनाने की प्रतिबद्धता के साथ इन चुनौतियों का डटकर सामना करना चाहिए।

अध्यक्ष महोदया ने इस संदर्भ में उल्लेख किया कि भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ज्ञान सृजन अभ्यास के रूप में आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर एक बाजार अध्ययन शुरू करने की प्रक्रिया में है, ताकि आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस प्रणालियों के विकास इकोसिस्टम में उभरती प्रतिस्पर्धा गतिशीलता और प्रमुख उपयोगकर्ता उद्योगों में प्रतिस्पर्धा, दक्षता और नवाचार के लिए आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस अनुप्रयोगों के निहितार्थों की गहन समझ विकसित की जा सके।

श्रीमती कौर ने कहा कि आने वाले समय में, भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) प्रतिस्पर्धी संस्कृति को प्रोत्साहन देने, डिजिटल अर्थव्यवस्था के उभरते क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने, तथा यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेगा कि प्रतिस्पर्धा कानून प्रवर्तन इन नवाचारों के अनुरूप विकसित हो, उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा हो तथा निष्पक्ष व्यवहार सुनिश्चित हो सके।

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के सदस्य अनिल अग्रवाल ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा। उन्होंने इस अवसर पर उपस्थित होने तथा भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के लिए अपना दृष्टिकोण साझा करने के लिए भारत के अटॉर्नी जनरल को धन्यवाद दिया। इस अवसर पर भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के सदस्य दीपक अनुराग तथा स्वेता कक्कड़ भी उपस्थित थे।

इस कार्यक्रम में सरकार, विनियामक निकायों, सार्वजनिक उपक्रमों, उद्योग, शिक्षा जगत, वाणिज्य मंडलों और कानूनी क्षेत्र से बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति सम्मिलित हुए।

Related Post

Tags