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अमित शाह सोमवार को विज्ञान भवन, नई दिल्‍ली में ‘PACS द्वारा प्रधानमंत्री जन औषधि केन्द्रों के संचालन’ की महत्त्वपूर्ण उपलब्धि के उपलक्ष्य में आयोजित ‘राष्‍ट्रीय पैक्स महासंगोष्ट्ठी’ की करेंगे अध्यक्षता

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 7 जनवरी। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह सोमवार को विज्ञान भवन, नई दिल्‍ली में ‘प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) द्वारा प्रधानमंत्री जन औषधि केन्द्रों के संचालन’ की महत्त्वपूर्ण उपलब्धि के उपलक्ष्य में आयोजित ‘राष्‍ट्रीय पैक्स महासंगोष्ट्ठी’ की अध्यक्षता करेंगे। सहकारिता मंत्रालय द्वारा राष्‍ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) की सहभागिता से इस महासंगोष्ट्ठी का आयोजन किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्‍व और गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में हाल ही में पैक्स को प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केन्द्रों के संचालन के लिए पात्र संस्था बनाया गया हैI गत कुछ महीनों में ही, 34 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की 4400 से भी अधिक पैक्स/ सहकारी समितियों द्वारा भारत सरकार के औषध विभाग के पोर्टल पर इस पहल के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा चुका है। जिनमें से 2300 से अधिक समितियों को प्राथमिक अनुमोदन प्राप्त हो चुका है और 146 पैक्स/सहकारी समितियां जन औषधि केन्द्रों के रूप में कार्य करने के लिए पूर्ण रूप से तैयार भी हो चुकी हैं I

इस महासंगोष्ट्ठी में, सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के सहकारिता विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS)/ प्रमुख सचिव/ सचिव और सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार के साथ-साथ उन पैक्स के अध्यक्ष, सचिव, और फार्मासिस्ट, जिन्हें जन औषधि केंद्र के लिए ड्रग लाइसेंस प्राप्त हुआ है, भाग लेंगे। ‘राष्‍ट्रीय पैक्स महासंगोष्ट्ठी’ की लाइव स्ट्रीमिंग प्रमुख सोशल मीडिया प्लैटफ़ार्म जैसे कि यूट्यूब, इत्यादि पर भी की जाएगी।

प्रधानमंत्री जन औषधि केन्द्रों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाइयां आम नागरिकों तक पहुंचाई जाती हैं, जो खुले बाज़ार की ब्रांडेड दवाइयों के मुकाबले 50-90% तक सस्ती होती हैं I इन केन्द्रों पर 2000 से अधिक प्रकार की जेनेरिक दवाइयां तथा लगभग 300 सर्जिकल उपकरण उचित मूल्य पर आम जनता के लिए उपलब्ध हैं I

यह पहल पैक्‍स को अपने आर्थिक कार्यों के विविधिकरण व विस्‍तार के नए अवसर प्रदान करेगी, जिससे पैक्स से जुड़े करोड़ों छोटे व सीमान्त किसान भाइयों व बहनों की आय में वृद्धि होगी I इसके साथ साथ यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में आय के नए अवसर पैदा करने में भी अत्यंत सहायक सिद्ध होगी ।

पैक्‍स सहकारिता आन्दोलन की नींव के रूप में ग्रामीण क्षेत्रों में करोड़ों छोटे व सीमान्त किसानों की सेवा के लिए कार्यरत हैं I प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की “सहकार-से-समृद्धि” की परिकल्पना को साकार करने के लिए सहकारिता मंत्रालय निरंतर प्रयासरत है I देश भर में पैक्‍स के कंप्‍यूटरीकरण का कार्य चल रहा है, जिसके तहत पैक्स को एक राष्ट्रव्यापी ERP आधारित सॉफ्टवेयर के ज़रिये नाबार्ड से जोड़ा जा रहा हैI साथ ही, पैक्स के आर्थिक कार्यकलापों में विविधता व कार्यप्रणाली में सुधार लाने के उद्देश्य से मॉडल उपनियम बनाये गए हैंI सहकारिता क्षेत्र को नई दिशा प्रदान करने के लिए नया राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस तथा नई सहकारिता नीति का निर्माण किया जा रहा है। बीज, जैविक तथा कृषि उत्पादों के उत्पादन तथा निर्यात को बढ़ावा देने के लिए तीन नई बहुराज्‍य सहकारी समितियां स्‍थापित की गई हैं। देश में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उचित भंडारण व्यवस्था के लिए सहकारिता क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना भी लायी गई है, जिसके तहत पैक्स स्तर पर गोदामों का निर्माण किया जा रहा है I

इन सभी महत्त्वपूर्ण पहल से पैक्स तथा प्राथमिक स्तर की सहकारी समितियों का सुदृढ़ीकरण सुनिश्चित होगा और इनसे जुड़े करोड़ों किसानों के जीवन में खुशहाली आएगी I

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