
भारी बारिश से रद्द हुई अरविंद केजरीवाल की सुरेंद्रनगर रैली, कार्यकर्ताओं में निराशा
समग्र समाचार सेवा
सुरेंद्रनगर (गुजरात), 7 सितंबर: आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गुजरात के सुरेंद्रनगर में आज प्रस्तावित रैली को भारी बारिश के चलते रद्द करना पड़ा। रैली की तैयारियां कई दिनों से चल रही थीं, लेकिन खराब मौसम के कारण कार्यक्रम को स्थगित करना पड़ा।
रैली रद्द होने से कार्यकर्ताओं में निराशा
केजरीवाल की रैली को लेकर सुरेंद्रनगर और आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक जुटे थे। लेकिन लगातार हो रही बारिश और मैदान में पानी भरने के कारण सुरक्षा एजेंसियों ने आयोजन की अनुमति नहीं दी।
रैली रद्द होने से कार्यकर्ताओं में निराशा तो दिखी, लेकिन उन्होंने कहा कि जल्द ही नई तारीख घोषित की जाएगी और इससे पार्टी के उत्साह में कोई कमी नहीं आएगी।
गुजरात में AAP की बढ़ती सक्रियता
गुजरात विधानसभा चुनावों से पहले आम आदमी पार्टी लगातार राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। पिछले कुछ वर्षों में पार्टी ने कई जगहों पर स्थानीय स्तर पर जनसभाएं और संपर्क अभियान चलाए हैं।
केजरीवाल की यह रैली भी इसी रणनीति का हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में पार्टी का समर्थन आधार बढ़ाना था। हालांकि मौसम की वजह से यह प्रयास अधूरा रह गया।
केजरीवाल का संदेश
रैली रद्द होने की जानकारी मिलते ही अरविंद केजरीवाल ने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से अपील की कि वे हिम्मत न हारें और जनता से जुड़े रहें। उन्होंने कहा कि बारिश एक प्राकृतिक आपदा है और ऐसे हालात में सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है।
सूत्रों के मुताबिक, पार्टी जल्द ही रैली के लिए नई तारीख का ऐलान करेगी।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
रैली रद्द होने पर भाजपा और कांग्रेस के नेताओं ने तंज कसते हुए कहा कि केजरीवाल गुजरात की राजनीति में अपनी जमीन तलाश रहे हैं, लेकिन जनता उन्हें गंभीरता से नहीं ले रही। वहीं, आप नेताओं का कहना है कि उनकी पार्टी का जनाधार लगातार बढ़ रहा है और यही विपक्ष की बेचैनी की वजह है।
भारी बारिश ने अरविंद केजरीवाल की सुरेंद्रनगर रैली को तो रोक दिया, लेकिन आम आदमी पार्टी का कहना है कि उनका अभियान जारी रहेगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले महीनों में गुजरात की राजनीति में AAP की सक्रियता और बढ़ेगी, और यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी राज्य की जनता का विश्वास कितना हासिल कर पाती है।







