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वक्फ संशोधन अधिनियम पारित होने पर दाऊदी बोहरा समाज के प्रतिनिधिमंडल ने की प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात, जताया आभार

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली,18 अप्रैल।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बुधवार को दाऊदी बोहरा समुदाय के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की और वक्फ संशोधन अधिनियम पारित करने के लिए केंद्र सरकार का आभार प्रकट किया। प्रतिनिधिमंडल ने इस अधिनियम को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित होगी।

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) द्वारा साझा की गई तस्वीरों में प्रधानमंत्री मोदी को दाऊदी बोहरा समुदाय के वरिष्ठ सदस्यों के साथ सौहार्दपूर्ण वातावरण में बातचीत करते देखा गया। प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री को पारंपरिक शॉल और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित भी किया।

दाऊदी बोहरा समुदाय के प्रतिनिधियों ने कहा कि वक्फ संशोधन अधिनियम, 2023 के जरिए केंद्र सरकार ने समुदायों के बीच बेहतर प्रशासनिक समन्वय और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम धार्मिक संपत्तियों के दुरुपयोग को रोकने में भी कारगर सिद्ध होगा।

समुदाय के एक वरिष्ठ सदस्य ने कहा,
“यह अधिनियम वक्फ बोर्डों को जवाबदेह बनाता है और संपत्तियों की पारदर्शी निगरानी सुनिश्चित करता है। प्रधानमंत्री मोदी ने जो निर्णय लिया है, उससे न सिर्फ हमारी भावनाओं को सम्मान मिला है, बल्कि हमारे अधिकारों की रक्षा भी हुई है।”

वक्फ संशोधन अधिनियम, 2023 के तहत वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण, लीज, किराया और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर अधिक पारदर्शी और जवाबदेह प्रणाली बनाई गई है। यह अधिनियम वक्फ बोर्डों को अनियमितताओं से रोकने और कानूनी विवादों को शीघ्र समाधान की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दाऊदी बोहरा समुदाय के विश्वास और समर्थन के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” की भावना से कार्य कर रही है।

उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि सरकार सभी समुदायों की सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक भावनाओं का सम्मान करते हुए, समान अवसरों की दिशा में काम करती रहेगी।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस मुलाकात के ज़रिए प्रधानमंत्री मोदी ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि उनकी सरकार अल्पसंख्यक समुदायों के कल्याण और अधिकारों की रक्षा के लिए भी प्रतिबद्ध है। साथ ही, यह भी दिखाने की कोशिश की गई है कि सरकार किसी एक वर्ग के खिलाफ नहीं, बल्कि सभी के साथ खड़ी है।

दाऊदी बोहरा समुदाय का प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात करना और वक्फ संशोधन अधिनियम पर आभार जताना यह दर्शाता है कि सरकार के निर्णयों का असर धार्मिक और सामाजिक समूहों पर सीधा पड़ता है। यह कदम भारत में सामाजिक समरसता और शासन की पारदर्शिता को और मज़बूत कर सकता है।

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