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श्रम-20 की स्थापना बैठक में काम के भविष्य के केंद्र में महिलाओं के साथ सामाजिक सुरक्षा के सार्वभौमीकरण पर ध्यान केंद्रित किया गया है

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 20मार्च।भारत की जी-20 अध्यक्षता के हिस्से के रूप में श्रम-20 (एल-20) आयोजन समूह की स्थापना बैठक पंजाब के अमृतसर में वैश्विक कार्यबल से संबंधित प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श के साथ शुरू हुई, ताकि जी-20 देशों और संस्थानों को अंतिम व्यक्ति तक विकास पर ध्यान केंद्रित करने के लिए दिशा प्रदान की जा सके।

भारत की जी-20 अध्यक्षता के अंतर्गत श्रम-20 की स्थापना बैठक में श्रमिक संघठनों के नेताओं, श्रम अध्ययन विशेषज्ञों और जी-20 देशों के प्रतिनिधियों ने सामाजिक सुरक्षा के सार्वभौमिकरण और महिलाओं को काम के भविष्य के केंद्र में रखने का आह्वान करने की तैयारी के बारे में चर्चा की है।

उद्घाटन सत्र में श्रम-20 के अध्यक्ष और भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हिरण्मय पंड्या ने कहा कि 2023 में जी-20 की भावना के अनुरूप, विश्व की कार्य शक्ति एक परिवार है। उन्होंने जी-20 के विषय #एक पृथ्वी #एक परिवार#एक भविष्य पर प्रकाश डाला और बताया कि यह अवधारणा विश्व स्तर पर श्रमिक आंदोलनों के लिए कैसे प्रासंगिक है।

श्रम-20 बैठक में जी-20 में शामिल अन्य देशों के श्रम संगठनों के प्रतिनिधियों के अलावा, जी-20 के पिछले अध्यक्ष, इंडोनेशिया और अगले अध्यक्ष ब्राजील के प्रतिनिधि भी भाग ले रहे हैं। भारतीय मजदूर संघ के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सी. के. साजी नारायणन ने कहा कि श्रम-20 बैठक कल सामाजिक सुरक्षा और महिला और काम के भविष्य के सार्वभौमीकरण पर एक संयुक्त बयान के साथ समाप्त होगी। इस बैठक में दोनों विषयों पर विस्तार से चर्चा की जा रही है।

सी. के. साजी नारायणन ने कहा कि आर्थिक संकट महिलाओं पर सबसे अधिक प्रतिकूल प्रभाव डालता है, और इसलिए काम का भविष्य प्रमुख रूप से महिला कार्यबल पर निर्भर करता है, जिसे विश्व स्तर पर दिशा की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में श्रम प्रवास के नवीनतम रुझानों के मद्देनजर, सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए एक वैश्विक व्यवस्था विकसित करना भी महत्वपूर्ण है।

भारत के योजना आयोग के पूर्व सदस्य अरुण मायरा ने कहा कि भारत दुनिया में शांति और सद्भाव चाहता है। उन्होंने कहा कि यह अर्थव्यवस्था में “पारिवारिक भावना” को वापस लाने का समय है। उन्होंने कहा कि ऐसे कई समुदाय हैं जो अर्थव्यवस्था और समाज में अपने भविष्य की भलाई के बारे में चिंतित हैं। इनमें महिलाएं, युवा, किसान, कारखाने के कर्मचारी, स्व-नियोजित श्रमिक और सूक्ष्म उद्यम शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अब उन सभी की बातों को सुना जाना चाहिए।

बैठक के दौरान श्रम के अंतर्राष्ट्रीय प्रवास और सामाजिक सुरक्षा कोष के आसान स्थानांतरण पर पांच समानांतर तकनीकी सत्र; अनौपचारिक श्रमिकों के लिए सामाजिक संरक्षण; कौशल प्रशिक्षण और कौशल उन्नयन तथा नियोक्ताओं, कर्मचारियों और सरकारों की भूमिका और उत्तरदायित्व; जी20 देशों में कार्य की बदलती दुनिया और रोजगार के नए अवसर; और सस्टेनेबल डिसेंट वर्क को बढ़ावा देना विषय पर आयोजित किए गए। दो दिवसीय श्रम-20 की स्थापना बैठक के दूसरे दिन कल महत्वपूर्ण रूप से महिलाओं और काम के भविष्य पर चर्चा होगी।

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