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Global Governance News- Asia's First Bilingual News portal for Global News and UpdatesBlogभारतकेंद्र सरकारप्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व में भारत आईटी/आईटीईएस हब से अगली पीढ़ी के उत्पादों और उपकरणों के डिजाइन और निर्माणकर्ता के रूप में परिवर्तित हुआ : राज्‍य मंत्री राजीव चंद्रशेखर

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व में भारत आईटी/आईटीईएस हब से अगली पीढ़ी के उत्पादों और उपकरणों के डिजाइन और निर्माणकर्ता के रूप में परिवर्तित हुआ : राज्‍य मंत्री राजीव चंद्रशेखर

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली ,10 मार्च।केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि कोविड के बाद जिस तरह इलेक्ट्रॉनिक्स वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं को नए सिरे से आकार दिया जा रहा है, भारत केवल डिजाइनिंग ही नहीं, बल्कि अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी और अगली पीढ़ी के उत्पादों और उपकरणों के विनिर्माण के मामले में भी अधिक प्रासंगिक होता जा रहा है। वह आज बेंगलुरू में एमईआईटीवाई –नैसकॉम सेंटर ऑफ एक्‍सीलेंस (सीओई) –आईओटी एंड एआई द्वारा आयोजित डीप टेक समिट – स्‍वदेशी नवाचार के माध्‍यम से बदलाव (ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू इंडीजिनस इनोवेशन) को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा, “2014 तक, आईटी/आईटीईएस क्षेत्र ने ज्यादातर भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था का प्रतिनिधित्व किया। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्‍व वाली सरकार के सत्ता में आने के बाद डिजिटल अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में अवसरों का तेजी से विस्तार हुआ है और इसमें इंटरनेट उपभोक्ता तकनीक, एआई, डेटा प्लस अर्थव्यवस्था, इलेक्ट्रॉनिक्स, अंतरिक्ष, ऑटोमोबाइल, जैसे क्षेत्रों को कवर किया गया है। अर्थव्यवस्था के जिन वर्गों का मामूली डि‍जिटलीकरण किया गया था, उनमें से प्रत्येक अब डिजिटलीकरण और डीप टेक के जोड़ पर भविष्य तैयार करते हुए आगे बढ़ रहा है।” उन्‍होंने कहा “प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी जी की सरकार के नेतृत्‍व में, डीप टेक, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर क्षेत्र और अगली पीढ़ी के उत्पादों और उपकरणों का डिजाइन और विनिर्माण हमारी डिजिटल अर्थव्यवस्था, स्टार्टअप और युवा भारतीयों के आकर्षण का महत्वपूर्ण केंद्र बनने जा रहे हैं।”

कौशल निर्माण के संबंध में सरकार के प्रयासों और इसके लिए केंद्रीय बजट में 8,000 करोड़ रुपये के आवंटन को रेखांकित करते हुए राज्य मंत्री चंद्रशेखर ने कहा, “डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार हेतु समर्थता लाने के लिए आवश्यक प्रतिभा संबंधी इनपुट को व्‍यवस्थित किया गया है। अकेले कर्नाटक में अगले तीन वर्षों में 18-20 लाख युवाओं को शारीरिक श्रम के साथ-साथ उच्च तकनीक, उद्योग के लिए उपयुक्‍त और भविष्य के लिए तैयार नौकरियों दोनों के लिए कौशल संपन्‍न बनाया जाएगा।”

राज्य मंत्री चंद्रशेखर ने कहा कि भारतीय डिजिटल अर्थव्यवस्था अब मात्र नवाचार के कुछ केंद्रों तक ही सीमित नहीं रही। उन्होंने कहा, “नवाचार और प्रतिभा लंबे अर्से तक गुरुग्राम या बेंगलुरु जैसे विकसित केंद्रों तक ही सीमित रही, लेकिन उसका आगमन नए और छोटे शहरों से होता रहा।” राजीव चंद्रशेखर ने उन नए क्षेत्रों का उल्‍लेख किया, जिनमें कर्नाटक प्रौद्योगिकी केंद्र बन सकता है और इस संदर्भ में उन्‍होंने ऐप्पल इंक के आपूर्तिकर्ताओं में से एक फॉक्सकॉन द्वारा बेंगलुरु के बाहर लगाए गए जा रहे 300 एकड़ के संयंत्र का उल्लेख किया। उन्‍होंने कहा कि यह युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा तथा इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और डीप टेक इकोसिस्टम को प्रेरित करेगा।

राज्‍य मंत्री के संबोधन से पहले कई स्टार्टअप्स ने अपने नवाचारों विशेष रूप से स्वास्थ्य सेवा से संबद्ध नवाचारों का प्रदर्शन किया। उन्‍होंने केंद्र और कर्नाटक दोनों सरकारों की ओर से मिल रहे सहयोग का भी उल्‍लेख किया। राजीव चंद्रशेखर ने बेंगलुरु और कर्नाटक में डीप टेक इकोसिस्‍टम को प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए बेंगलुरु में आईओटी एंड एआई में एमईआईटीवाई –नैसकॉम सेंटर ऑफ एक्‍सीलेंस (सीओई) के प्रयासों की सराहना की।

इस अवसर पर सुश्री कलावती, एसवीपी, सॉफ्टवेयर-एज-ए-सर्विस सॉल्यूशंस एंड सॉफ्टवेयर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की प्रमुख और जितेंद्र चड्ढा, वीपी, ग्लोबल फाउंड्रीज के इंडिया कंट्री हेड भी मौजूद थे। उन्होंने भारत की सेमीकंडक्टर नीति को “संबंधित राष्ट्रों द्वारा शुरू की गई सबसे अच्छी नीति” करार दिया और डीप टेक स्टार्टअप्स से कहा “यहीं रुकिए – अनेक अवसर सृजित होने वाले हैं।”

हाल ही में, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने भारत में स्वास्थ्य सेवा और नैदानिक पहुंच को आगे बढ़ाने के लिए नई, बेहतर और नवोन्‍मेषी तकनीकों को विकसित करने के लिए सीमेंस हेल्थाइनर्स के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।

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