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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 16 फरवरी को नई दिल्ली के ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में राष्ट्रीय आदि महोत्सव का उद्घाटन करेंगे: अर्जुन मुंडा

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 14फरवरी।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 16 फरवरी, 2023 को नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में राष्ट्रीय आदि महोत्सव का उद्घाटन करेंगे। केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री अर्जुन मुंडा ने नई दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में इसकी घोषणा की। इस अवसर पर केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री सुश्री रेणुका सिंह सरुता भी उपस्थित थीं।

श्री अर्जुन मुंडा ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री को उन उत्पादों के बारे में जानकारी प्रदान की जाएगी जो विभिन्न स्टालों पर प्रदर्शित होंगे। श्री मुंडा ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री इस अवसर पर जनजातीय समुदायों के कारीगरों और शिल्पकारों के साथ मुलाकात भी करेंगे।

जनजातीय कार्य मंत्री महोदय ने आगे कहा कि जनजातीय कार्य मंत्रालय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने में जनजातीय समुदायों की पूर्ण भागीदारी और सम्मिलन सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। श्री मुंडा ने यह भी कहा कि जनजातीय समुदायों द्वारा उत्पादों के जैविक उत्पादन पर बल देकर जलवायु पारिवर्तन की चुनौती से निपटने में बड़ी भूमिका निभा सकता है। मंत्री महोदय ने इस बारे में और अधिक जानकारी देते हुए कहा कि देश भर में आयोजित किए जा रहे आदि महोत्सवों में भाग लेने के लिए कम जानकारी वाले और अनूठी वस्तुओं का उत्पादन करने वाले दूरदराज के क्षेत्रों से अधिक से अधिक कारीगरों को आकर्षित करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि आदि महोत्सव जनजातीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में पहुंचाने का एक प्रमुख मंच है। जनजातीय कार्य मंत्री महोदय ने कहा कि ट्राइफेड जनजातीय उत्पादों में गुणवत्ता और समकालीन डिजाइन सुनिश्चित करने के साथ-साथ उनकी मौलिकता को बनाए रखने के लिए शीर्ष डिजाइनरों के साथ काम कर रहा है।

ट्राइफेड के प्रमुख कार्यक्रम के वर्तमान संस्करण का विषय है-“आदिवासी शिल्प, संस्कृति, भोजन और वाणिज्य की भावना का उत्सव”। यह विषय जनजातीय जीवन के मूल लोकाचार का प्रतिनिधित्व करता है। इस उत्सव में जनजातीय हस्तशिल्प, हथकरघा, चित्रकारी, आभूषण, बेंत और बांस, मिट्टी के बर्तन, भोजन और प्राकृतिक उत्पाद, उपहार और वर्गीकरण, जनजातीय व्यंजन और 200 स्टालों के माध्यम से इसे प्रदर्शित करने के लिए प्रदर्शनी-सह-बिक्री की सुविधा होगी।

आदि महोत्सव में 28 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के 1000 से अधिक जनजातीय कारीगर और कलाकार भाग लेंगे। इसमें 19 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के जनजातीय रसोइये भी शामिल हैं, जिनके लिए 20 फूड स्टॉल लगाए जा रहे हैं। मोटा अनाज जनजातीय समुदायों के आहार का एक अभिन्न हिस्सा रहा है। इसके अलावा, संयुक्त राष्ट्र ने भारत सरकार के प्रस्ताव पर वर्ष 2023 को अंतर्राष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष घोषित किया है। इसे मनाने और जागरूकता पैदा करने और जनजातीय मोटा अनाज के उत्पादन और खपत को बढ़ाने के लिए, देश भर के जनजातीय कारीगरों को मोटा अनाज (श्री अन्न) उत्पादों और व्यंजनों को प्रदर्शित करने और बेचने के लिए आमंत्रित किया जाता है।

वन धन उत्पादों की बिक्री और प्रदर्शन के लिए एक विशेष मंडप लगाने का भी प्रस्ताव है। इस महोत्सव में 17 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 39 वन धन विकास केंद्रों के भाग लेने की आशा है। इस उत्सव में निम्नलिखित प्रमुख आकर्षण शामिल होंगे:

जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी दीर्घा
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनसीएसटी) के माध्यम से जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों की कहानियाँ और उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र-एनसीज़ेडसीसी के माध्यम से दिन में दो बार उनकी कहानियों का वर्णन किया जाएगा।

एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय-ईएमआरएस
विभिन्न क्षेत्रों में और एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय-ईएमआरएस स्कूलों में उच्च उपलब्धि हासिल करने वाले पूर्व विद्यार्थियों के बारे में राष्ट्रीय शैक्षिक सोसायटी द्वारा शैक्षिक और प्रौद्योगिकी संचालित हस्तक्षेपों पर सूचना का प्रसार किया जाएगा। जनजातीय कार्य मंत्रालय की गणतंत्र दिवस झांकी जिसे गणतंत्र दिवस 2023 समारोह के दौरान प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया था, को भी इस अवसर पर प्रदर्शित किया जाएगा।

राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम-एनएसटीएफडीसी
जनजातीय उद्यमियों और जनजातीय स्टार्टअप, यदि कोई हो, सहित अनुसूचित जनजातियों के लिए प्रदान की जा रही विभिन्न योजनाओं और वित्तीय सहायता पर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम-एनएसटीएफडीसी द्वारा सूचना का प्रसार किया जाएगा।

डाक विभाग
भारतीय डाक विभाग जनजातीय संग्रह के प्रदर्शन सहित दूर-दराज के क्षेत्रों में अपनी योजनाओं का प्रदर्शन करेगा।

इस कार्यक्रम को जनजातीय सांस्कृतिक प्रदर्शनों द्वारा देश के लगभग 20 राज्यों से आदिवासी रीति-रिवाजों, फसल, त्योहारों, मार्शल आर्ट रूपों आदि पर आधारित लगभग 500 जनजातीय कलाकार चिह्नित करेंगे। आयोजन के दौरान विभिन्न राज्यों के प्रदर्शन समृद्ध जनजातीय सांस्कृतिक विविधता का प्रदर्शन करेंगे।

प्रमुख शहरों में आदि महोत्सव आयोजित करने की अवधारणा बिचौलियों की भूमिका को समाप्त करके और बड़े बाजारों तक सीधी पहुंच प्रदान करके जनजातीय कारीगरों के लिए वरदान सिद्ध हुई है।

भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय का एक संगठन, ट्राइफेड, बड़े महानगरों और राज्यों की राजधानियों में जनजातीय मास्टर-कारीगरों और महिलाओं को सीधे बाजार तक पहुंच प्रदान करने के लिए “आदि महोत्सव – राष्ट्रीय जनजातीय महोत्सव” आयोजित कर रहा है।

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