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दिल्ली में कोरोना के खिलाफ एक्शन की तैयारी में राज्य सरकार, सरकारी अस्पतालों में बढ़ाएगी जांच का दायरा

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 26दिसंबर। कुछ देशों में कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए दिल्ली में अधिकारी खुद यहां के सभी सरकारी अस्पतालों का दौरा करेंगे और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए उनकी तैयारियों का जायजा लेंगे. अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी. केंद्र सरकार के निर्देश के अनुपालन में मंगलवार को दिल्ली के सभी सरकारी अस्पतालों में ‘मॉक ड्रिल’ का आयोजन किया जाएगा. दिल्ली के स्वास्थ्य सचिव अमित सिंगला ने रविवार सुबह सभी जिलाधिकारियों के साथ बैठक की और उन्हें सभी अस्पतालों का दौरा करने तथा वहां बिस्तरों की उपलब्धता एवं उपकरणों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया.

वहीं, एक अन्य अधिकारी ने कहा, ‘‘सोमवार से हम सरकारी अस्पतालों में बिस्तर, ऑक्सीजन सिलेंडर, वेंटिलेटर आदि की उपलब्धता के संबंध में स्थिति का वहां जाकर आंकलन करने जा रहे हैं. यह विवरण मंगलवार से जनता के लिए दिल्ली सरकार के पोर्टल पर उपलब्ध होगा. दिल्ली सरकार के कोरोना वायरस डैशबोर्ड को आखिरी बार 12 दिसंबर को अपडेट किया गया था. अधिकारी ने कहा मंगलवार से पोर्टल पर ‘रियल टाइम’ डाटा उपलब्ध होगा. जांच जल्द ही शुरू होने की संभावना है. इस समय पूरी दिल्ली में करीब 2,500 से 3,000 के बीच नमूनों की जांच हो रही है. उन्होंने कहा, ‘‘रेजिडेंट वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन और गैर-सरकारी संगठनों के साथ बैठकें की जा रही हैं. उन्हें उभरती स्थिति के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए कहा जा रहा है. संभावना है कि हम संवेदनशील आबादी को बूस्टर खुराक प्रदान करने के लिए घर-घर जाकर अभियान शुरू करें.

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने संक्रमण के सभी मामलों को जीनोम अनुक्रमण के लिए भेजने, एहतियाती खुराक का दायरा बढ़ाने और अस्पतालों में कर्मियों की संख्या बढ़ाने के निर्देश भी जारी किए. उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए पूर्व अनुमति लेने और सभी अस्पतालों में मशीनों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया. CM ने दावा किया कि वे ऑक्सीजन की उपलब्धता और भंडारण के मामले में आत्मनिर्भर हैं. पिछले साल कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान दिल्ली ऑक्सीजन की कमी से जूझ रही थी, अस्पतालों ने सोशल मीडिया पर घटती ऑक्सीजन आपूर्ति को लेकर ‘त्राहिमाम संदेश’ भेजे थे. हालांकि, विशेषज्ञों ने कहा कि कुछ देशों में संक्रमण के मामले बढ़ने से भारत के लिए कोई खास चिंता वाली बात नहीं है क्योंकि देश में पूर्व के संक्रमण और कोविड रोधी टीकाकरण से लोगों के शरीर में कोरोना वायरस के खिलाफ प्रतिरक्षा उत्पन्न हो गई है.

सफदरजंग अस्पताल के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉक्टर जुगल किशोर ने कहा, ‘सरकार अग्रसक्रिय है और इसके निर्देश वैज्ञानिक हैं। कई देशों में संक्रमण के मामलों में तेजी को देखते हुए सावधानी बरतनी चाहिए, लेकिन ओमीक्रॉन के किसी भी नए स्वरूप से भारत में कोई बड़ी परेशानी होने की आशंका नहीं है.

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