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Global Governance News- Asia's First Bilingual News portal for Global News and UpdatesBlogटिकर स्व. दिलीप सिंह जूदेव की प्रतिमा का अनावरण करने जशपुर पहुंचे मोहन भागवत, यहां जानें हमेशा फौजी पोशाक में रहने वाले इस व्यक्ति की कहानी

 स्व. दिलीप सिंह जूदेव की प्रतिमा का अनावरण करने जशपुर पहुंचे मोहन भागवत, यहां जानें हमेशा फौजी पोशाक में रहने वाले इस व्यक्ति की कहानी

समग्र समाचार सेवा
जशपुर मुनादी, 14नवंबर। संघ प्रमुख मोहन भागवत दो दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर पहुंचे है। आज जशपुर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में मोहन भागवत शामिल होंगे। इसके लिए वे जशपुर पहुंच चुके है। विजय विहार पैलेस के पास आरएसएस सर संघ चालक मोहन भागवत का स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव के पुत्र प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने स्वागत किया। जशपुर में दोपहर 12 बजे धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे।

इसके बाद मोहन भागवत दोपहर 2 बजे स्व. दिलीप सिंह जूदेव की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। शाम साढ़े 4 बजे जनजाति गौरव दिवस पर आयोजित आमसभा को संबोधित करेंगे। शाम 7 बजे वनवासी कल्याण आश्रम के टोली के साथ बैठक करेंगे।

कौन थे स्व. दिलीप सिंह जूदेव
छत्तीसगढ में भाजपा को सत्ता में लाने वाले भाजपा के पितृपुरुष स्व दिलीप सिंह जूदेव अपनी रुआब ,आवाज में बुलंदी और लाखों लोगों के दिलों में अपना घर बनाया है। दिग्गज हिंदुत्ववादी नेता स्व दिलीप सिंह जूदेव खाश कर अपनी पोशाक से जाने जाते थे। आपने देखा होगा स्व जूदेव की ज्यादातर तस्वीरे मिलिट्री पोशाक में है। काई कलर का हाफ शर्ट,पेंट ,बेल्ट और और मूछों पर ताव देते इनकी सैंकड़ों तस्वीरे गूगल में देखी जा सकती है ।

बताया जाता है कि स्व जूदेव एक फौजी बनकर देश की सेवा करना चाहते थे और फौज में जाने की तैयारी उन्होंने युवावस्था की दहलीज पर कदम रखते ही शुरू कर दिया था ।कद काठी के धनी स्व जूदेव को लगता था था कि एक फौजी बनकर देश की सच्ची सेवा की जा सकती है लेकिन इनके परिवार के लोग इसके लिए तैयार नहीं हुए आखिर में उन्हें अपने सपने से समझौता करना पड़ा लेकिन उन्होंने फौजी पोशाक को पहनना बंद नहीं किया और एक फौजी की तरह हिंदुत्व के लिए आखिरी दम तक लड़ाई करते रहे ।
उनसे जुड़े जानकारों का कहना है कि स्व जूदेव एक अच्छे शूटर भी थे उनका निशाना अचूक था। शूटर का प्रशिक्षण उन्होंने फौजी बनने के धुन पालने के दौरान ही कर लिया था ।

आज उनके निधन के 9 साल बाद आदम कद प्रतिमा का अनावरण होने जा रहा है और प्रतिमा का अनावरण होने जा रहा है।

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