Global Governance News- Asia's First Bilingual News portal for Global News and Updates

We love to bring to life as a developer and I aim the today do this using whatever front end tools of the necessary.

Quick Contact:

Live News

We love to bring to life as a developer and I aim the today do this using whatever front end tools of the necessary.

Quick Contact:

देश की बेहतरी में मीडिया का इस्तेमाल कैसे करें, सीखने की जरूरत: श्रीपाद नाईक

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 13 दिसंबर।
‘भारत विरोधी ताकतों से निपटने में मीडिया की अहम भूमिका है। इसलिए मीडियाकर्मियों सहित हम सभी की यह जिम्मेदारी है कि भारत विरोधी ताकतें हमारे देश के खिलाफ मीडिया का दुरुपयोग न कर पाएं।’ यह विचार रक्षा राज्य मंत्री श्रीपाद नाईक ने गुरुवार को भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी) द्वारा सैन्य अधिकारियों के लिए आयोजित मीडिया संचार पाठ्यक्रम के समापन समारोह में व्यक्त किए।

इस अवसर पर आईआईएमसी के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी, अपर महानिदेशक (प्रशासन) के. सतीश नंबूदिरीपाड व अपर महानिदेशक (प्रशिक्षण) ममता वर्मा भी उपस्थित थीं।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के तौर पर पर बोलते हुए श्रीपाद नाईक ने कहा कि आज जब फेक न्यूज और हेट न्यूज का चलन बढ़ रहा है, तब मीडिया साक्षरता की आवश्यकता प्रत्येक व्यक्ति को है। न्यू मीडिया के इस दौर में सिर्फ संचारकों के लिए नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग के लिए मीडिया साक्षरता अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि आज जब लगभग हर व्यक्ति के हाथ में स्मार्टफोन है, तब मीडिया के दुरुपयोग की संभावना कई गुना बढ़ गई है और इसे केवल मीडिया साक्षरता के माध्यम से ही नियंत्रित किया जा सकता है।

रक्षा राज्य मंत्री के अनुसार, मीडिया साक्षरता से हमें उस मनोवैज्ञानिक युद्ध का मुकाबला करने में भी मदद मिलेगी, जिसे आज हम पूरी दुनिया में देख रहे हैं। हमें भारत विरोधी ताकतों द्वारा एक उपकरण के रूप में अपनाए जा रहे इस मनोवैज्ञानिक युद्ध से सचेत रहना होगा। हमें यह सीखना होगा कि देश और देशवासियों की बेहतरी के लिए मीडिया की ताकत का इस्तेमाल कैसे किया जाए।

नाईक ने कहा कि भारतीय रक्षा बलों का साहस, वीरता, प्रतिबद्धता और समर्पण अद्वितीय है। लेकिन देश में कुछ ऐसे तत्व हैं, जो भारतीय सेना की छवि को धूमिल करने के लिए चौबीस घंटे सक्रिय रहते हैं। हम सही मीडिया दृष्टिकोण अपनाकर और संगठित तरीके से विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म्स का उपयोग करके रक्षा बलों के खिलाफ ऐसे शातिर अभियानों का मुकाबला कर सकते हैं।

इस अवसर पर आईआईएमसी के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी ने कहा कि आज पूरा विश्व कोरोना महामारी का सामना कर रहा है। कोरोना के इस दौर में एक शब्द अत्यंत प्रचलित हुआ है और उसके अनेक परिणाम और दुष्परिणाम भी देखने को मिले हैं। ये शब्द है – ‘इन्फोडेमिक (Infodemic)’। इस शब्द का तात्पर्य अतिशय सूचना या आम बोलचाल की भाषा में सूचनाओं के विस्फोट से है। उन्होंने कहा कि जब इन अतिशय सूचनाओं में से जब यह चुनना मुश्किल हो जाए कि किस सूचना पर विश्वास करें और किस पर नहीं, तो ऐसी स्थिति एक विमर्श को जन्म देती है और इस विमर्श नाम है मीडिया एवं सूचना साक्षरता।

प्रो. द्विवेदी ने कहा कि आज फेक न्यूज अपने आप में एक बड़ा व्यापार बन गई है और डिजिटल मीडिया ने भी इसे प्रभावित किया है। ऐसे में मीडिया साक्षरता की आवश्यकता और बढ़ जाती है।

कार्यक्रम का संचालन विष्णुप्रिया पांडे ने किया। आईआईएमसी प्रतिवर्ष सैन्य अधिकारियों के लिए मीडिया एवं संचार से जुड़े शॉर्ट टर्म ट्रेनिंग कोर्सेज का आयोजन करता है। इन पाठ्यक्रमों में तीनों सेनाओं के कैप्टन लेवल से लेकर ब्रिगेडियर लेवल तक के अधिकारी हिस्सा लेते हैं। कोरोना के कारण इस वर्ष पहली बार ये ट्रेनिंग प्रोग्राम ऑनलाइन आयोजित किया गया है। इस वर्ष लोक मीडिया से लेकर न्यू मीडिया एवं आधुनिक संचार तकनीकों की जानकारी सैन्य अधिकारियों को प्रदान की गई है। इसके अलावा न्यू मीडिया के दौर में किस तरह सेना एवं मीडिया के संबंधों को बेहतर बनाया जा सकता है, इसका प्रशिक्षण भी अधिकारियों को दिया गया है।

Related Post

Tags