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जल्द ही भारत चिकित्सा पर्यटन का वैश्विक केंद्र बनेगा: केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 21अक्टूबर।केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने आज महाराष्ट्र के अहमदनगर में आयोजित एक कार्यक्रम में कई स्वास्थ्य अवसंरचना परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इन परियोजनाओं में अहमदनगर स्थित तीन प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल केंद्र शामिल हैं, जिनका उद्घाटन वर्चुअल माध्यम से किया गया। इसके अलावा इनमें डॉ. विखे पाटिल न्यूक्लियर मेडिसिन सेंटर शामिल है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि भारत स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे में निवेश करके एक स्वस्थ और समृद्ध भविष्य की ओर बढ़ रहा है।

डॉ. मनसुख मांडविया ने रालेगण सिद्धि प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल केंद्र (पीएचसी) के मुख्य भवन और स्टाफ क्वार्टर के निर्माण का उद्घाटन किया। 702 लाख रुपये की अनुमानित लागत से इस पीएचसी परिसर का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा स्वास्थ्य मंत्री ने खरदा में 560 लाख रुपये की अनुमानित लागत से निर्मित पीएचसी के मुख्य भवन व स्टाफ क्वार्टर और पधेगांव में 214 लाख रुपये की अनुमानित लागत से निर्मित पीएचसी के मुख्य भवन का उद्घाटन किया।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने डॉ. विखे पाटिल न्यूक्लियर मेडिसिन सेंटर का भी उद्घाटन किया। यह स्वास्थ्य केंद्र कैंसर की व्यापक उपचार के लिए सुविधाओं से युक्त है, जिसमें निदान और उपचार, दोनों शामिल हैं। यह जिले में अपनी तरह का पहला केंद्र है और यह अहमदनगर, बीड, नासिक, औरंगाबाद, सोलापुर और पुणे जिलों की आस-पास की आबादी को सेवा प्रदान करेगा।

इस कार्यक्रम में डॉ. मनसुख मांडविया ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश प्रगति कर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि चूंकि एक स्वस्थ नागरिक ही राष्ट्रीय विकास में अपना योगदान दे सकता है, इसलिए सरकार ने स्वास्थ्य को विकास से जोड़ा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, “स्वास्थ्य के साथ-साथ उपचार पर भी ध्यान देने की जरूरत है। हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हमारी जनता पहले बीमार न पड़ें। यही कारण है कि हमारी सरकार स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों पर ध्यान केंद्रित कर रही है।”

इसके अलावा स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने यह भी कहा कि किसी भी नीति को आगे की ओर किस तरह देखना चाहिए। सरकार न केवल अधिक चिकित्सा सुविधाओं का निर्माण कर रही है, बल्कि मेडिकल कॉलेजों की संख्या और एमबीबीएस सीटों की संख्या भी बढ़ा रही है। उन्होंने आगे कहा कि जब तक देश के युवा मेडिकल कॉलेजों से स्नातक होंगे, तब तक देश पूरे विश्व के रोगियों को उपचार उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सा पर्यटन के एक केंद्र के रूप में रूपांतरित हो चुका होगा। मंत्री ने कहा कि भारत के विश्व विचार की आधारशिला सभी का कल्याण है।

भारत सरकार की अनुसंधान नीति पर डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि पूरे विश्व में हर 10 वैज्ञानिक और शोध विद्वानों में से लगभग 3 भारतीय हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की अनुसंधान नीति उन प्रतिभाशाली युवाओं को प्रोत्साहित करने और समर्थन देने के लिए है, जो अभिनव अनुसंधान परियोजनाओं को आगे बढ़ाने का संकल्प रखते हैं, चाहे वे निजी संस्थान से हों या सार्वजनिक संस्थान से। डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि भारत का लक्ष्य नवाचार और अनुसंधान में अग्रणी बनना है।

इस कार्यक्रम को पद्म भूषण अन्ना हजारे ने वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने रालेगण सिद्धि गांव सहित अहमदनगर के स्वास्थ्य अवसंरचना को विकसित करने के लिए भारत सरकार को धन्यवाद दिया। वहीं, अहमदनगर के सांसद व डॉ. विठालराव विखे पाटिल फाउंडेशन के ट्रस्टी डॉ. सुजय विखे पाटिल ने बताया कि पिछले दो वर्षों में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत अहमदनगर जिले में 1347 लाख रुपये की परियोजनाओं को पूरा किया गया है। इसके अलावा उन्होंने 47 करोड़ रुपये से अधिक की स्वास्थ्य अवसंरचना परियोजनाओं को भी सूचीबद्ध किया, जिन्हें इस जिले में एक साल के भीतर पूरा किए जाने का अनुमान है। इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के राजस्व, पशुपालन और डेयरी विकास मंत्री डॉ. राधाकृष्ण विखे पाटिल व शिरडी निर्वाचन क्षेत्र से सांसद सहित अन्य भी उपस्थित थे।

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