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भविष्य 9.0 संस्करण आज पेंशन वितरण बैंकों के साथ एकीकरण के साथ शुरू किया जा रहा है- डॉ. जितेंद्र सिंह

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 19अक्टूबर। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने मंगलवार को भारतीय स्टेट बैंक के सहयोग से विकसित किए गए सिंगल इंटीग्रेटेड पेंशनर्स पोर्टल ‘भविष्य’ का शुभारंभ किया और जिसका उद्देश्य केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों के जीवन में सुगमता लाना है। शेष सभी 16 पेंशन संवितरक बैंक अब ‘भविष्य’ के साथ अपना एकीकरण शुरू करेंगे।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा, भविष्य 9.0 संस्करण आज पेंशन वितरण बैंकों के साथ एकीकरण के साथ शुरू किया जा रहा है।

डॉ. सिंह ने कहा कि पेंशन भुगतान और ट्रैकिंग प्रणाली के लिए पोर्टल ‘भविष्य’ को एसबीआई के पेंशन सेवा पोर्टल के साथ एकीकृत किया जा रहा है और यह पेंशनभोगियों को एक ही लॉगिन के साथ एक ही स्थान पर सभी जानकारियां और सेवाएं प्राप्त करने में सक्षम बनाएगा।

इस एकीकरण के सभी चरणों के पूरा होने पर सेवानिवृत्त लोग ऑनलाइन पेंशन खाता खोलने के लिए बैंक और शाखा का चयन कर सकते हैं, अपनी मासिक पेंशन पर्ची, फॉर्म-16, जीवन प्रमाण पत्र की स्थिति की जांच कर सकते हैं और साथ ही भविष्य के माध्यम से अपने पेंशन वितरण बैंक को बदल सकते हैं।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि भविष्‍य को हाल ही में नेशनल ई-गवर्नेंस सर्विस डिलीवरी असेसमेंट (एनईएसडीए) द्वारा भारत सरकार के सभी सेवा पोर्टलों में तीसरे सर्वश्रेष्ठ पोर्टल के रूप में प्रमाणित किया गया है। इसलिए पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (डीओपीपीडब्ल्यू) ने भविष्य के साथ एकीकरण के लिए इस एंड-टू-एंड डिजिटाइज्ड पोर्टल को बेस पोर्टल के रूप में चुना है, जो अंततः सभी केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों के लिए सिंगल विंडो बन जाएगा। सीपीईएनजीआरएएमएस, अनुभव, अनुदान, संकल्प और पेंशन डैशबोर्ड जैसे पोर्टलों को अब भविष्य विंडो के साथ मिला दिया गया है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि 1 जनवरी 2017 से केंद्र सरकार के सभी विभागों के लिए ‘भविष्य’ प्लेटफॉर्म अनिवार्य कर दिया गया था और वर्तमान में इस सिस्टम को 97 मंत्रालयों/विभागों के मुख्य सचिवालय से अटैच 815 कार्यालयों सहित 7,902 डीडीओ में सफलतापूर्वक लागू किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि आज की तारीख में भविष्‍य यानी जारी किए गए पीपीओ पर 1,74,000 से अधिक मामलों पर कार्रवाई की गई है जिसमें 1 लाख से अधिक ई-पीपीओ शामिल हैं।

यहां पहुंचने पर केंद्रीय मंत्री ने पेंशन वितरण बैंक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया जिसमें सभी 17 पेंशन वितरण बैंकों ने सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारियों के लिए अपनी डिजिटल पहलों और प्रॉडक्ट्स को प्रदर्शित करने के लिए भाग लिया। पेंशन विभाग द्वारा पेंशन खाता खोलते समय सेवानिवृत्त कर्मचारियों को एक सूचित निर्णय लेने में सक्षम बनाने के लिए यह अपनी तरह की पहली पहल थी।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने वर्ष 2019-20, 20-21 और 21-22 के लिए 15 पुरस्कार विजेताओं को अनुभव पुरस्कार प्रदान किए। कोविड-19 महामारी के कारण, पिछले 2 वर्षों से अनुभव पुरस्कार समारोह आयोजित नहीं किया जा सका था। अनुभव पोर्टल को 2015 में प्रधानमंत्री के आदेश पर पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग द्वारा लॉन्च किया गया था। पोर्टल सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों को सरकार में काम करने के अपने अनुभव को साझा करने और शासन में सुधार के लिए सुझाव देने का अवसर प्रदान करता है। अनुभव पुरस्कार समारोह 2016 से सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों को उनकी सेवानिवृत्ति पर अपने सरकारी अनुभव को साझा करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए एक वार्षिक सुविधा के रूप में शुरू किया गया था।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने अगले एक साल में सेवानिवृत्त होने वाले लगभग 900 अधिकारियों के लिए पूर्व सेवानिवृत्ति परामर्श सेवा का भी उद्घाटन किया। सभी पेंशन वितरण बैंकों द्वारा एक वर्ष में सेवानिवृत्त होने वाले सभी प्रतिभागियों को अपने प्रॉडक्ट्स और सेवाओं को प्रदर्शित करने के लिए एक प्रदर्शनी लगाई गई थी।

पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग कल्याणकारी उपाय के रूप में भारत सरकार के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लाभ के लिए पूर्व-सेवानिवृत्ति परामर्श (पीआरसी) कार्यशाला का आयोजन करता है। सेवानिवृत्त कर्मचारियों के साथ यह कार्यशाला (i) भविष्य पर सेवानिवृत्त कर्मचारियों द्वारा पेंशन पत्रों की ऑनलाइन फाइलिंग (ii) सेवानिवृत्ति लाभ (iii) डीएलसी और फेस प्रमाणीकरण प्रौद्योगिकी और (iv) सेवानिवृत्त कर्मचारियों को प्रभावित करने वाले आयकर नियमों पर केंद्रित थी।

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