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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 नवंबर को बहुप्रतिक्षित वाराणसी-प्रयागराज ई-एक्सप्रेसवे का करेंगे उद्घाटन

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली,24नवंबर।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 नवंबर को बहुप्रतिक्षित वाराणसी-प्रयागराज ई-एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। इसे गंगा एक्सप्रेसवे के नाम से भी जाना जाता है। प्रधानमंत्री मोदी अपने वाराणसी दौरे के दौरान इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। दावा किया जा रहा है कि गंगा एक्सप्रेसवे देश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे है, जब यह पूरी तरह से बनकर तैयार होगा तो इसकी कुल लंबाई 1020 किलोमीटर होगी और इसकी कुल लागत 37000 करोड़ रुपए होगी। इस प्रोजेक्ट को इसी वर्ष जनवरी माह में यूपी सरकार ने मंजूरी दी है। देश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे हाल ही में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि यह देश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे होगा और यह 6556 हेक्टेयर की जमीन पर बनेगा। इस प्रोजेक्ट को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में गंगा एक्सप्रेसवे को तैयार किया जाएगा जिसकी लंबाई 596 किलोमीटर होगी और यह मेरठ, ज्योतिबाफूले नगर, हापुड़, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, फर्रुखाबाद, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़, प्रयागराज को जोड़ेगी। इस रूट पर कुल पांच बड़े ब्रिज होंगे, आठ रोड ओवरब्रिज होंगे जबकि 18 फ्लाईओवर होंगे। एक्सप्रेसवे पर छह लेन होगी, जिसे 8 लेन तक बढ़ाया जा सकता है। यह एक्सप्रेसवे वेस्ट यूपी और ईस्ट यूपी को जोड़ेगा। 9500 करोड़ रुपए खर्च होंगे जमीन अधिग्रहण पर पहले चरण के निर्माण में कुल 37350 करोड़ रुपए की लागत आएगी, जिसमे 9500 करोड़ रुपए जमीन के अधिग्रहण में खर्च किए जाएंगे जबकि 24091 करोड़ रुपए निर्माण कार्य पर खर्च होंगे। प्रोजेक्ट की फंडिंग 70 फीसदी कर्ज और 30 फीसदी इक्विटी के जरिए की जाएगी। यह एक्सप्रेसवे एनएच-235 से शुरू होगा जोकि मेरठ के शंकरपुर गांव के करीब है और प्रयागराज के सोरांवा में एनएच 330 पर खत्म होगा। प्रोजेक्ट का दूसरा चरण वहीं इस प्रोजेक्ट के दूसरे चरण की लंबाई 110 किलोमीटर होगी और इसे उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड के टिगरी से शुरू किया जाएगा और दूसरा सड़क 314 किलोमीटर लंबी होगी जिसे प्रयागराज से बलिया के बीच तैयार किया जाएगा। इस गंगा एक्सप्रेसवे की खासियत यह है कि यह दूसरे एक्सप्रेसवे लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और बलिया लिंक एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा। रिपोर्ट के अनुसार यूपी सरकार की योजना है इस एक्सप्रेसवे पर बड़ी संख्या में पेड़-पौधे लगाने का काम किया जाएगा।

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