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स्ट्रीट वेंडर भारत के आर्थिक विकास की गाथा का एक अनिवार्य हिस्सा रहे हैं – हरदीप एस. पुरी

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 24जुलाई। आवास और शहरी कार्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शनिवार को नेशनल एसोसिएशन ऑफ स्ट्रीट वेंडर्स ऑफ इंडिया (एनएएसवीआई) की 16वीं बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि स्ट्रीट वेंडर शहरी अनौपचारिक अर्थव्यवस्था के साथ मजबूत संबंधों के बल पर, हमेशा भारत के आर्थिक विकास की गाथा का एक अनिवार्य हिस्सा रहे हैं और हमेशा रहेंगे।
आवास और शहरी कार्य मंत्री ने कहा कि आज की बैठक का विषय ‘अतिक्रमणकारियों से स्व-नियोजित तक’ बहुत उपयुक्त है, क्योंकि हम रेहड़ी-पटरी वालों की सराहना करते हैं। उन्होंने कहा कि वे अतिक्रमण करने वाले नहीं हैं, वे स्व-नियोजित हैं, हमारे ‘न्यू इंडिया’ के सामूहिक सपने में योगदानकर्ता हैं।

पुरी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने महामारी के दौरान, 1 जून 2020 को पीएम स्वनिधि योजना का शुभारंभ करते हुए कहा था, “पीएम स्वनिधि योजना ‘स्वरोजगार, स्वावलंबन, स्वाभिमान’ प्रदान करने के लिए है।”उन्होंने कहा कि किसी भी सरकारी योजना की सफलता के लिए उसे जनांदोलन बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना और स्वच्छ भारत मिशन कुछ अन्य योजनाएं हैं जिन्हें लोगों की भागीदारी से बड़ी सफलता मिली है।

पुरी ने कहा कि जब हम स्वतंत्रता के 75 वर्ष का उत्सव मना रहे हैं, हमने सभी राज्यों, नगर पालिकाओं, शहरी स्थानीय निकायों को देश भर में स्ट्रीट वेंडर्स की सक्रिय भागीदारी के साथ स्वनिधि महोत्सव मनाने का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि रेहड़ी-पटरी वालों की सफलता की कहानियां और भारत के आर्थिक विकास में उनके योगदान को भी जनता के सामने लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडरों के सबसे बड़े समर्थकहैं।
पुरी ने कहा कि महामारी के दौरान प्रभावित स्ट्रीट वेंडरों को उनके व्यवसाय को फिर से शुरू करने में मदद करने के लिए पूंजी के रूप में ऋण प्रदान किया गया था। उन्होंने कहा कि 11 जुलाई, 2022 तक 30 लाख से अधिक रेहड़ी-पटरी वालों को माइक्रो-क्रेडिट के रूप में 3,661 करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं, जो एक बड़ी धनराशि है।

पुरी ने कहा कि योजना का डिजाइन स्ट्रीट वेंडरों को पहले के ऋणों के पुनर्भुगतान पर क्रमशः 10,000 रुपये, 20,000 रुपये और 50,000 रुपये के जमानत-मुक्त कार्यशील पूंजी के रूप में ऋण उपलब्ध कराना था और इससे उन्हें अपने व्यवसाय के विस्तार की योजना बनाने में मदद मिली। उन्होंने कहा किजनवरी 2021 में ‘स्वनिधि से समृद्धि’ के पहले चरण की शुरुआत की गई थी, जिसके तहत 125 शहरों में 31 लाख स्ट्रीट वेंडरों और उनके परिवारों को शामिल किया गया था।

श्री पुरी ने यह भी कहा कि ‘सभी को सम्मान और प्रत्येक व्यक्ति की सेवा तथा योगदान की उचित पहचान’ हमारा मंत्र है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से शहरों और कस्बों में समाज के कमजोर और हाशिए के वर्गों को सरकार द्वारा किए गए विभिन्न उपायों सेअत्यधिक लाभ हुआ है।

शिकायत समितियों की स्थापना के लिए एनएएसवीआई द्वारा किए गए अनुरोध पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए श्री पुरी ने आश्वासन दिया कि इनका गठन बहुत जल्द किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लगभग 4500 टाउन वेंडिंग कमेटियों की बैठक होना भी जरूरी है और ये प्लेटफॉर्म आपके स्तर पर दूसरों के स्थानीय मुद्दों को हल करने में मदद करेंगे। सम्मेलन के आयोजन के लिए एनएएसवीआई को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि आज का संवाद स्ट्रीट वेंडर समुदाय के उत्थान के लिए रोडमैप का हिस्सा होगा।

पुरी ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली टाउन वेंडिंग समितियों को स्मृति चिन्ह प्रदान किए और सम्मेलन में मौजूद स्ट्रीट वेंडर्स के साथ बातचीत की।

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