समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 5जुलाई। देश का वस्तुओं का निर्यात जून में सालाना आधार पर 16.78 फीसदी बढ़कर 37.94 अरब डॉलर पर पहुंच गया. इस दौरान व्यापार घाटा यानी ट्रेड डेफिसिट भी रिकॉर्ड 25.63 अरब डॉलर हो गया.
सोमवार को सरकार की तरफ से जारी प्रारंभिक निर्यात आंकड़ों के मुताबिक, जून में देश का आयात 51 फीसदी बढ़ गया. जून, 2021 की तुलना में बीते महीने देश ने 63.58 अरब डॉलर का आयात किया. इसके साथ जून, 2022 में देश का व्यापार घाटा 25.63 अरब डॉलर हो गया. पिछले साल जून महीने में व्यापार घाटा 9.61 अरब डॉलर रहा था.
जून, 2022 में भारत का व्यापारिक निर्यात 16.8% बढ़कर 37.9 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया, जो जून 2022 में अब तक का सबसे अधिक निर्यात है।@DoC_GoI @DPIITGoI pic.twitter.com/37uvBkRaSk
— Dr. Hemant Joshi (@DrHemant_Joshi) July 4, 2022
चालू वित्त वर्ष के पहले तीन महीनों यानी अप्रैल-जून तिमाही में देश का निर्यात 22.22 फीसदी बढ़कर 116.77 अरब डॉलर पर पहुंच गया. इसी अवधि में आयात 47.31 फीसदी बढ़कर 187.02 अरब डॉलर हो गया.
पहली तिमाही में 70.25 अरब डॉलर पर पहुंचा देश का व्यापार घाटा
इस तरह वित्त वर्ष 2022-23 की पहली तिमाही में देश का व्यापार घाटा 70.25 अरब डॉलर पर पहुंच गया. एक साल पहले की समान तिमाही में यह 31.42 अरब डॉलर रहा था.
क्या होता है व्यापार घाटा
जब कोई देश निर्यात की तुलना में आयात ज्यादा करता है तो उसे व्यापार घाटा कहते हैं यानी वह देश अपने यहां ग्राहकों की जरूरत को पूरा करने के लिए वस्तुओं और सेवाओं का पर्याप्त प्रोडक्शन नहीं करता है तो उसे दूसरे देशों से आयात करना पड़ता है. इसके विपरीत अगर कोई देश आयात की तुलना में निर्यात ज्यादा करता है तो ट्रेड सरप्लस कहा जाता है.