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 पति के मुताबिक ना चले पत्नी, तो मिलेगी बच्चे की कस्टडीः  छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट

समग्र समाचार सेवा

बिलासपुर, 7 अप्रैल। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने बच्चे की कस्टडी को लेकर दायर की गई एक याचिका पर फैसला देते हुए कहा है कि यदि पत्नी, पति की इच्छा अनुरूप स्वयं को नहीं ढालती है, तब यह बच्चे की कस्टडी से उसे वंचित करने का निर्णायक कारक नहीं होगा। न्यायालय ने पारिवारिक अदालत के आदेश को रद्द करते हुए मां को बच्चे की कस्टडी सौंपने का फैसला दिया है।

कपड़ों से महिला का चरित्र तय नहीं किया जा सकता 

ऐडवोकेट सुनील साहू ने बताया कि जस्टिस गौतम भादुड़ी और जस्टिस संजय एस अग्रवाल की युगल पीठ ने महासमुंद जिले की पारिवारिक अदालत के आदेश को रद्द कर मां को बच्चे की कस्टडी सौंपने का फैसला सुनाया। हाई कोर्ट की युगल पीठ ने प्रस्तुत याचिका के निर्णय में टिप्पणी करते हुए कहा है कि जींस-टीशर्ट पहनने, पुरुष सहयोगियों के साथ नौकरी के सिलसिले में बाहर जाने से किसी भी महिला का चरित्र तय नहीं किया जा सकता है।

चरित्र निर्धारण के लिए लोगों के प्रमाण की जरूरत नहीं

न्यायालय ने कहा है कि इस तरह की सोच से महिलाओं के अधिकार और स्वतंत्रता के लिए चल रही लड़ाई लम्बी और कठिन हो जाएगी। उसका कहना था कि ऐसी शुतरमुर्ग की तरह की मानसिकता रखने वाले समाज के कुछ लोगों के प्रमाण-पत्र से किसी महिला का चरित्र निर्धारित नहीं किया जा सकता।

शादी के पांच साल बाद हुआ था तलाक   

न्यायालय ने यह भी कहा है कि प्रस्तुत मामले में यदि पत्नी, पति की इच्छा अनुरूप स्वयं को नहीं ढालती है, तो यह बच्चे की कस्टडी से उसे वंचित करने का निर्णायक कारक नहीं होगा। सुनील साहू ने बताया कि महासमुंद निवासी एक दंपती का विवाह वर्ष 2007 में हुआ था। इसी वर्ष दिसंबर माह में उनका एक पुत्र पैदा हुआ। विवाह के पांच साल बाद, वर्ष 2013 में दोनों ने आपसी सहमति से तलाक ले लिया। दोनों में आपसी सहमति बनी कि पुत्र अपनी मां के पास रहेगा। इसके बाद बच्चे की मां महासमुंद में ही एक निजी संस्थान में ऑफिस असिस्टेंट की नौकरी करने लगी।

फैमिली कोर्ट ने पिता ने लगाए थे ये आरोप

साहू ने बताया कि तलाक के बाद 2014 में बच्चे के पिता ने महासमुंद की पारिवारिक अदालत में आवेदन प्रस्तुत कर बेटे को उसे सौंपने की मांग की। पारिवारिक अदालत में बच्चे के पिता ने बताया कि उसकी पत्नी अपने संस्थान के पुरुष सहयोगियों के साथ बाहर आना-जाना करती है, वह जींस-टी शर्ट पहनती है, उसका चरित्र भी अच्छा नहीं है, इसलिए उसके साथ रहने से बच्चे पर गलत असर पड़ेगा।

 

 

 

 

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