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According to the information, the Central Government has submitted an affidavit related to this matter in the Supreme Court on 6 October.

केंद्र सरकार की नई पहल, अब लड़कियों को भी राष्ट्रीय मिलिट्री कॉलेज व स्कूलों में मिलेगा दाखिला

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 7अक्टूबर। एनडीए की तरह आरआईएमसी और आरएमएस ऐसे संस्थान रहे हैं जहां पर अब तक केवल लड़कों को ही शामिल किया जाता रहा है, लेकिन अब बदलाव होगा। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि लड़कियों को राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के अलावा राष्ट्रीय भारतीय सैन्य कॉलेज और देश के पांच राष्ट्रीय सैन्य स्कूलों में भी दाखिला दिया जाएगा। जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार ने इस मामले में जुड़ा हलफनामा सुप्रीम कोर्ट में 6 अक्टूबर को सौंपा है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक केंद्र ने अपने हलफनामे में कहा कि शैक्षणिक सत्र 2022-23 से आवश्यक ढांचागत और तार्किक परिवर्तन लाए जाएंगे। इसके बाद आरआईएमसी और आरएमएस में लड़कियों को शामिल किया जाएगा। देहरादून में आरआईएमसी के लिए, हलफनामे में बताया कि 11.5 से 13 वर्ष की आयु के छात्र अखिल भारतीय प्रतियोगी परीक्षा पास करने के बाद संस्थान में एंट्री ले सकेंगे।

सरकार ने कहा कि वह जनवरी 2023 से हर छह महीने में 5 लड़कियों को शामिल करना शुरू कर देगी, इसके लिए लड़कियों को जून 2022 में प्रवेश परीक्षा देने की अनुमति दी जाएगी। केंद्र सरकार ने अपनी योजना के पहले चरण के बारे में बताते हुए कहा कि इसमें हर साल 20 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी। यह वृद्धि कुछ बुनियादी ढांचों पर भी असर डालेगी। लड़कियों को जनवरी 2028 से शुरू होने वाले कार्यकाल के लिए आरआईएमसी में प्रवेश के लिए जून 2027 में निर्धारित प्रवेश परीक्षा में भाग लेने की अनुमति दी जाएगी।

सरकार ने आगे हलफनामे में कहा कि बालिका कैडेटों के लिए उपयुक्त चिकित्सा मानकों और प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के अलावा, गोपनीयता, सुरक्षा प्रदान करने के लिए व्यवस्था में कई अन्य संशोधन और पुनर्गठन करने होंगे। अधिकारियों का एक बोर्ड सभी प्रासंगिक मुद्दों की जांच कर रहा है ताकि लड़कियों के अनुकूल बुनियादी ढांचे को बदला जा सके। जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस एम एम सुंदरेश की पीठ सरकार के हलफनामे की जांच करेगी।

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