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संसद में व्यवधान और रिपोर्ट लीक होने का समय दोनों की क्रोनोलॉजी समझिये- गृहमंत्री अमित शाह

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 20जुलाई। संसद का मानसून सत्र 19 जुलाई से शुरू हो चुका है। इस दौरान विपक्ष सरकार पर हमलावर है। इतना ही नही विपक्ष संसद के दोनों सदनों में जमकर हंगामा कर रही है, जिसकी वजह से लगातार कार्यवाही को स्थगित करना पड़ रहा है.. खासतौर पर फोन की जासूसी मामलों को लेकर ..
विपक्ष के इस रवैये को देखकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पेगासस सॉफ्टवेयर से जासूसी के मामले पर बयान जारी किया है। गृहमंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा है। अमित शाह ने कहा है कि विघटनकारी और अवरोधक शक्तियां अपने षड्यंत्रों से भारत की विकास यात्रा को नहीं रोक पाएंगी।
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि इसे जारी करने के समय और विपक्ष के संसद के भीतर हंगामे की क्रोनोलोजी को समझने की जरूरत है। उन्होंने साफ कर दिया कि ‘विघटनकारी और अवरोधक शक्तियां अपने षड़यंत्रों से भारत की विकास यात्रा को नहीं रोक पाएंगी। मानसून सत्र देश में विकास के नए मापदंड स्थापित करेगा।’

रविवार देर शाम पेगासस पर रिपोर्ट जारी होने और सोमवार को संसद के भीतर हंगामे के पीछे एक सोची समझी साजिश बताते हुए अमित शाह ने कहा कि देश की जनता इस क्रोनोलोजी को, इसे फैलाने वालों के रिश्ते को बहुत अच्छे तरीके से समझती है। उन्होंने कहा कि पूरे घटनाक्रम का उद्देश्य भारत की विकास यात्रा को पटरी से उतारना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को अपमानित करना है। उन्होंने नए मंत्रियों का परिचय कराते समय सदन के भीतर विपक्ष के हंगामे को लोकतंत्र के मंदिर और उसकी गरिमा के खिलाफ बताया। अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार इन तमाम बाधाओं से निपटने के तैयार है और वह ‘राष्ट्रीय कल्याण’ के लिए निरंतर काम करती रहेगी।

ज्ञात हो कि इंटरनेशनल मीडिया कंसोर्टियम की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में 300 से ज्यादा लोगों के फोन टैप कराए गए हैं। इनमें दो केंद्रीय मंत्री, विपक्ष के तीन नेता, 40 से अधिक पत्रकार, एक मौजूदा जज, सामाजिक कार्यकर्ता और कई उद्योगपति शामिल हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में 2018 और 2019 के बीच फोन टैप कराए गए थे। इसे लेकर मानसून सत्र के पहले दिन संसद के दोनों सदनों में जमकर हंगामा हुआ।

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