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ट्रंप बोले- भारत ने दी ज़ीरो टैरिफ़ की पेशकश, मोदी पर नवारो का चीन-रूस संग मंच साझा करने पर निशाना

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 2 सितंबर: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को बड़ा दावा करते हुए कहा कि भारत ने अमेरिकी सामानों पर आयात शुल्क घटाकर ज़ीरो टैरिफ़ करने की पेशकश की है। हालांकि, ट्रंप ने यह भी कहा कि इस प्रक्रिया में “काफी देर हो गई है।”

ट्रंप के इस बयान को अमेरिका-भारत व्यापार संबंधों में एक अहम मोड़ माना जा रहा है। अमेरिका लंबे समय से भारत पर टैरिफ कम करने का दबाव बना रहा है, जबकि भारत का तर्क है कि घरेलू उद्योगों की सुरक्षा भी जरूरी है।

मोदी पर नवारो का सीधा हमला

ट्रंप के बयान के साथ ही उनके व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला बोला।
नवारो ने कहा, “यह शर्म की बात है कि पीएम मोदी ने चीन में शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन (SCO) की बैठक में दुनिया के दो सबसे बड़े तानाशाहों के साथ मंच साझा किया।”

उन्होंने एक बार फिर रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर भारत को घेरते हुए कहा कि “पीएम मोदी को रूस से तेल आयात बंद करना चाहिए और यूरोप तथा यूक्रेन के साथ खड़ा होना चाहिए।”

चीन और रूस के करीब भारत?

प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को चीन में SCO शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया, जहाँ उनकी मुलाक़ात चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से हुई।
तीनों नेताओं की साझा तस्वीरों ने पश्चिमी मीडिया में बहस छेड़ दी है। विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी टैरिफ नीतियों और पश्चिमी दबाव की वजह से भारत रणनीतिक तौर पर रूस और चीन के करीब जाता दिख रहा है।

भू-राजनीति और व्यापार का टकराव

भारत, अमेरिका के लिए एक बड़ा व्यापारिक साझेदार है, लेकिन दोनों देशों के बीच टैरिफ, तकनीकी हस्तांतरण और ऊर्जा आयात को लेकर लंबे समय से मतभेद रहे हैं।
भारत का रुख साफ है कि वह स्ट्रैटेजिक ऑटोनॉमी (रणनीतिक स्वतंत्रता) बनाए रखना चाहता है। वहीं अमेरिका चाहता है कि भारत रूस से दूरी बनाकर पश्चिमी खेमे का मजबूत हिस्सा बने।

ट्रंप के ज़ीरो टैरिफ़ दावे और नवारो के तीखे बयान ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि भारत-अमेरिका रिश्तों में व्यापार और भू-राजनीतिक हित गहराई से जुड़े हुए हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या भारत पश्चिमी दबाव के आगे झुकता है या अपनी स्वतंत्र विदेश नीति पर कायम रहता है।

 

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