समग्र समाचार सेवा
पटना, 17 जुलाई: राजधानी पटना एक बार फिर खौफ के साये में है। गुरुवार की सुबह शहर के प्रतिष्ठित पारस अस्पताल में अपराधियों ने दिनदहाड़े घुसकर ताबड़तोड़ गोलीबारी कर दी, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। गोलीबारी की यह घटना उस समय हुई जब अस्पताल में रोज़ाना की तरह मरीजों का इलाज चल रहा था। इस हमले में गंभीर रूप से घायल चंदन मिश्रा की इलाज के दौरान मौत हो गई।
घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरातफरी मच गई और लोग जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि गोलीबारी के दौरान कई राउंड फायरिंग हुई, जिससे पूरे अस्पताल परिसर में तनाव का माहौल बन गया।
कौन था चंदन मिश्रा?
गोली का शिकार बना व्यक्ति चंदन मिश्रा, बक्सर जिले का रहने वाला था और पूर्व में एक गोलीबारी के केस में बेउर जेल में बंद था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, चंदन को हाल ही में पैरोल पर छोड़ा गया था, जब उसकी तबीयत बिगड़ गई थी। इलाज के लिए वह पारस अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
बताया जा रहा है कि चंदन को एक प्रतिद्वंद्वी आपराधिक गिरोह के सदस्यों ने निशाना बनाया। हमलावरों ने उसे कई गोलियां मारीं, जिससे उसकी हालत नाजुक हो गई थी। हालांकि पुलिस ने घटना की पुष्टि तो नहीं की है, लेकिन अस्पताल सूत्रों के मुताबिक चंदन ने बाद में दम तोड़ दिया।
IG ने जताई पुलिसकर्मी की संलिप्तता की आशंका
घटना के बाद पटना सेंट्रल रेंज के आईजी जितेंद्र राणा ने बयान दिया कि यह मामला आपसी गैंगवार का प्रतीत होता है। उन्होंने कहा, “बक्सर के निवासी चंदन मिश्रा को प्रतिद्वंद्वी गिरोह ने निशाना बनाया है। हमलावरों की पहचान की जा रही है।”
उन्होंने यह भी कहा कि प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि घटना में पुलिस सुरक्षा गार्डों की मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पहलू की भी गहराई से जांच की जाएगी।
इस घटना ने अस्पतालों में सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जहां आम जनता इलाज के लिए आती है लेकिन अब वहां भी वे सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे।