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भारत ने जापान को पछाड़ा, अब जर्मनी को भी पीछे छोड़ने की तैयारी : हरदीप पुरी

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 2 जुलाई: केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत ने हाल ही में जापान को पछाड़ते हुए दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का तमगा हासिल कर लिया है। अब देश का लक्ष्य है कि 2030 तक जर्मनी को भी पीछे छोड़कर तीसरे पायदान पर अपनी जगह बनाए। पुरी ने यह बातें इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) के 77वें स्थापना दिवस पर कहीं।

पुरी ने कहा कि बीते 11 वर्षों में भारत ने 11वीं रैंक से छलांग लगाकर चौथा स्थान पाया है। 2014 में जहां भारत की जीडीपी 2.1 ट्रिलियन डॉलर थी, वहीं अब यह 2025 तक बढ़कर 4.3 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंच रही है।

गरीबी उन्मूलन में बड़ी छलांग
केंद्रीय मंत्री ने सरकार की सामाजिक पहलों का जिक्र करते हुए बताया कि बीते वर्षों में 27 करोड़ से ज्यादा लोगों को बहुआयामी गरीबी से बाहर निकाला गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत करीब चार करोड़ घर मंजूर किए गए हैं, वहीं जल जीवन मिशन से 15.4 करोड़ ग्रामीण परिवारों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाया गया है। आयुष्मान भारत योजना ने 70 करोड़ से अधिक लोगों को 5 लाख रुपये के स्वास्थ्य बीमा का कवरेज दिया है।

FDI और निवेश ने दिखाया दम
पुरी ने बताया कि भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) में भी ऐतिहासिक इजाफा हुआ है। 2014 से 2025 के बीच देश ने 748 बिलियन डॉलर का FDI आकर्षित किया, जो पिछले दशक की तुलना में 143 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने बताया कि दिवालियापन संहिता, उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन योजना, जीएसटी, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर जैसे बड़े सुधारों से देश के व्यापारिक माहौल को मजबूती मिली है।

करदाताओं की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कर प्रशासन में सुधार ने भारत की वित्तीय संस्कृति को मजबूत किया है। दाखिल किए गए वार्षिक आयकर रिटर्न की संख्या 2013-14 में जहां 3.6 करोड़ थी, वह 2024-25 में बढ़कर 8.5 करोड़ तक पहुंच गई है। इनमें से 95 प्रतिशत रिटर्न 30 दिन के भीतर प्रोसेस हो रहे हैं।

पुरी ने कहा, “देश का हर कर रुपया गरीबों के लिए दवा, माताओं के लिए रसोई गैस, गांवों में बिजली, बुजुर्गों को पेंशन और युवाओं के लिए रोजगार का जरिया बन रहा है।”

 

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