Live News

Live News

Global Governance News- Asia's First Bilingual News portal for Global News and UpdatesBlogजीजीएन विशेषवक्फ बिल के खिलाफ काली पट्टी बांधकर नमाज पढ़ी, भोपाल में काजी बोले: वक्फ संपत्तियों पर है जालिमों की नजर

वक्फ बिल के खिलाफ काली पट्टी बांधकर नमाज पढ़ी, भोपाल में काजी बोले: वक्फ संपत्तियों पर है जालिमों की नजर

भोपाल 31 ,मार्च – मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में वक्फ संशोधन बिल के विरोध में मुस्लिम समाज के सदस्यों ने काली पट्टी बांधकर आज जुमे की नमाज में भाग लिया। इस प्रदर्शन के समय काजी सैयद अनस अली ने कहा कि वक्फ संपत्तियों पर जालिमों की नजरें हैं, और ये लोग हमारी संपत्तियों को हड़पने का प्रयास कर रहे हैं।

बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने इस विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “मुसलमानों के नाम पर राजनीति करने वालों को पेट में दर्द हो रहा है। वक्फ की जमीन से दो-चार परिवारों का ही पेट पल रहा है, इससे कुछ नहीं होने वाला।”

इसके अलावा, भोपाल, इंदौर और नर्मदापुरम में भी मुस्लिम समाज के लोगों ने काली पट्टी बांधकर नमाज अदा की।

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने मुस्लिम समुदाय से काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण और मौन विरोध प्रदर्शन करने की अपील की थी। बोर्ड का कहना था कि यदि यह बिल पारित हो गया, तो मस्जिद, दरगाह, मदरसे, कब्रिस्तान और अन्य धार्मिक संस्थान उनके हाथ से चले जाएंगे।

काजी सैयद अनस अली ने इस बिल के खिलाफ अपनी बात रखते हुए कहा, “वक्फ अमेंडमेंट बिल वक्फ की संपत्तियों को हड़पने के लिए लाया जा रहा है। यह बिल मुसलमानों के हित में नहीं है। सुनियोजित तरीके से उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए यह बिल है। हम अपनी संपत्तियों की हिफाजत हर हाल में करेंगे।”

भोपाल के अरबाज मिर्जा ने भी इस बिल का विरोध करते हुए कहा कि वक्फ बोर्ड का बिल गलत तरीके से लाया गया है और हमारे उलेमा ने काली पट्टी बांधकर इसका विरोध करने की अपील की है।

वहीं बेगमगंज, रायसेन में काली पट्टी बांधने को लेकर मुस्लिम समुदाय में झड़प हो गई। मुस्लिम त्योहार कमेटी के अध्यक्ष शकील पठान ने अन्य लोगों को काली पट्टी बांधने से मना किया, जिससे विवाद शुरू हो गया। दोनों पक्षों के लोग इस दौरान धारदार हथियारों से एक-दूसरे पर हमला बैठे, जिससे चार लोग घायल हो गए।

बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने इस आंदोलन पर विरोध जताते हुए कहा कि करोड़ों मुसलमान अभी भी गरीबी की मार झेल रहे हैं। पंक्चर की दुकान, हाथ ठेला, कबाड़ी का धंधा करते हैं। उनके पास इलाज और शिक्षा का साधन नहीं है, और ना ही रहने के लिए घर। उन्होंने सवाल किया, “अगर प्रधानमंत्री मोदी ने गरीब मुसलमानों के लिए कुछ सोचा तो क्या गलत किया?”

Related Post

Tags