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US में रहकर 12 साल की पढ़ाई-नौकरी, अब भारत लौटना चाहता है शख्स, बोला- बेरोजगारी से डरता हूं

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली,5 मार्च। अमेरिका में 12 साल तक पढ़ाई और नौकरी करने के बाद अब एक भारतीय शख्स अपने वतन लौटने की इच्छा जता रहा है। लेकिन उसकी यह वापसी खुशी से ज्यादा चिंता से भरी है। उसने खुलकर कहा कि वह अमेरिका में छाई बेरोजगारी से डरता है और यही वजह है कि अब वह भारत में अपने करियर को नई दिशा देना चाहता है।

अमेरिका में बढ़ती बेरोजगारी और भारतीय पेशेवरों की चिंता

हाल के वर्षों में अमेरिका में टेक इंडस्ट्री और अन्य सेक्टर्स में भारी छंटनी देखी गई है। गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, मेटा और अमेज़न जैसी दिग्गज कंपनियों ने हजारों कर्मचारियों को निकाल दिया है। भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स, जो H-1B वीजा पर निर्भर होते हैं, उनके लिए यह स्थिति और भी मुश्किल बन गई है। यदि वे कुछ महीनों में नई नौकरी नहीं ढूंढ पाते, तो उन्हें अमेरिका छोड़ना पड़ता है।

यह शख्स भी इन्हीं परिस्थितियों से गुजर रहा है। 12 साल पहले वह अमेरिका गया था, जहां उसने पढ़ाई पूरी की और फिर नौकरी की। लेकिन अब आर्थिक अस्थिरता और नौकरी जाने के डर ने उसे भारत लौटने पर मजबूर कर दिया है।

भारत लौटने की नई चुनौतियाँ

हालांकि भारत में टेक इंडस्ट्री तेजी से बढ़ रही है, लेकिन अमेरिका से लौटकर नए माहौल में ढलना किसी के लिए भी आसान नहीं होता। भारत में भी कॉम्पिटिशन बढ़ रहा है, और अच्छी सैलरी वाली नौकरियाँ आसानी से नहीं मिलतीं।

शख्स ने चिंता जताई कि भारत में भले ही स्टार्टअप्स और बड़ी टेक कंपनियों की संख्या बढ़ी है, लेकिन वेतन संरचना और नौकरी की स्थिरता अमेरिका जैसी नहीं है। इसके अलावा, अमेरिका की कार्यसंस्कृति से भारतीय माहौल में एडजस्ट करना भी एक बड़ी चुनौती होगी।

विदेश से लौटने का नया ट्रेंड

हाल के वर्षों में कई भारतीय पेशेवर अमेरिका, कनाडा और यूरोप छोड़कर भारत लौट रहे हैं। इसका एक बड़ा कारण वहाँ की अनिश्चित जॉब मार्केट और वीजा समस्याएँ हैं। भारत सरकार भी “ब्रेन गेन” को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएँ बना रही है, ताकि विदेशों में काम कर रहे प्रतिभाशाली भारतीय अपने देश में वापस आएँ और यहाँ के उद्योगों में योगदान दें।

क्या भारत में वापसी सही फैसला होगा?

यह फैसला हर व्यक्ति की परिस्थितियों पर निर्भर करता है। यदि किसी के पास भारत में मजबूत नेटवर्क, अच्छा ऑफर और लंबी अवधि की योजना है, तो लौटना सही हो सकता है। लेकिन यदि कोई बिना प्लानिंग केवल डर के कारण लौटता है, तो उसे नई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

इस शख्स का उदाहरण यह दिखाता है कि विदेश में नौकरी करने का सपना पूरा करना जितना मुश्किल है, उतना ही चुनौतीपूर्ण वहाँ टिके रहना भी हो सकता है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि भारत लौटने के बाद उसे यहाँ अपने करियर में कैसी संभावनाएँ मिलती हैं।

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